– एचएएल के सीएमडी सीबी अनंतकृष्णन के साथ एलओआई पर हुए हस्ताक्षर
– अर्जेंटीना ने तेजस में 16 ब्रिटिश मूल के हिस्सों को बदलने की भी शर्त रखी
नई दिल्ली(हि.स.)। अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री जॉर्ज तायाना की चार दिवसीय भारत यात्रा के दौरान चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए और एलसीएच प्रचंड खरीदने का सौदा लगभग फाइनल होता दिख रहा है। इस बारे में अर्जेंटीना गणराज्य के रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ अपने सशस्त्र बलों के लिए हल्के और मध्यम हेलीकॉप्टरों के अधिग्रहण पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
एचएएल ने गुरुवार को खुलासा किया कि अर्जेंटीनियाई सशस्त्र बलों के लिए हल्के और मध्यम उपयोगिता वाले हेलीकॉप्टरों के उत्पादक सहयोग और अधिग्रहण पर एक आशय पत्र (एलओआई) पर सीएमडी सीबी अनंतकृष्णन और अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री जॉर्ज तायाना ने हस्ताक्षर किये हैं। इस मौके पर अर्जेंटीना के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सचिव फ्रांसिस्को कैफिएरो, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत ह्यूगो जेवियर गोब्बी, अर्जेंटीना में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया और एचएएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। एलओआई पर हस्ताक्षर के बाद अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री ने इस दिन को यादगार और एचएएल के साथ लगातार बढ़ते मजबूत सहयोग की दिशा में एक कदम बताया।
अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री और वायुसेना प्रमुख ने एयरो इंडिया-2023 में तेजस में उड़ान भरकर इस विमान को खरीदने की इच्छा जताई थी। इसीलिए भारत दौरे पर उन्होंने बेंगलुरु जाकर एचएएल के तेजस प्लांट का दौरा किया और इसके बारे में विस्तृत जानकारी ली। सूत्रों का कहना है कि अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री ने एलसीए तेजस में 16 ब्रिटिश मूल के हिस्सों को बदलने की भी शर्त रखी है, जिस पर एचएएल के सीएमडी पहले ही कह चुके हैं कि हमारे पास कोई समस्या नहीं है, क्योंकि हमने पहले से ही प्रतिस्थापन का चयन कर लिया है और अगर हमें ऑर्डर मिलता है, तो इन्हें आसानी से बदल दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अर्जेंटीना अब चाहता है कि भारत 16 तेजस लड़ाकू विमानों के प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करे।
अर्जेंटीना में भारतीय राजदूत दिनेश भाटिया ने पिछले महीने एचएएल के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादन क्षमताओं विशेष रूप से तेजस और ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) का प्रदर्शन करने के लिए रक्षा मंत्री तायाना के साथ-साथ अर्जेंटीना वायु सेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल जेवियर इसाक से मुलाकात की थी। एकल इंजन वाला तेजस लड़ाकू, ध्रुव हेलीकॉप्टर, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल प्रणाली उन प्रमुख हथियार प्रणालियों में से हैं, जिन्हें भारत मित्र देशों को निर्यात करने की कोशिश कर रहा है।
अर्जेंटीना की नजर 290 किलोमीटर की दूरी वाली ब्रह्मोस मिसाइलों पर भी है। अपने भारत दौरे के दूसरे दिन अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस का दौरा करने के साथ दिल्ली में शीर्ष राजनयिकों के साथ बातचीत भी की है। इसी दिन उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने और रक्षा सहयोग को ज्यादा मजबूत करने पर व्यावहारिक विचार-विमर्श किया था। भारत का हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकियों का निर्यात 2022-23 वित्तीय वर्ष में 16 हजार करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। सरकार ने 2024-25 तक रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात सहित 1,75,000 करोड़ रुपये का घरेलू कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
सुनीत/पवन
