अयोध्या (हि. स.)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के मणिराम दास छावनी मंदिर में शनिवार को एक साधु ने गला रेतकर अपनी जान दे दी। संदिग्ध परिस्थितियों में गला रेतकर आत्महत्या करने वाले साधु हरि भजन को विचित्र बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
अयोध्या के क्षेत्राधिकारी राजेश राय ने बताय कि सुबह लगभग 9 बजे छोटी छावनी मंदिर की तरफ से पुलिस को सूचना दी गई कि हमारे यहां महंत जी रहते थे, वे दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरि भजन ने सब्जी काटने वाले चाकू से अपना गला रेत दिया और रेतने की बाद बगल में कृष्णा मेडिकल स्टोर पर जाकर बताया कि मैंने स्वयं अपने हाथ से गला रेता है। उनको यहां से जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया है। इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा कि गुजरात में सरकार ने इसका मंदिर तोड़कर सड़क बना दी। तभी से यह विक्षिप्त-सा हो गया था। उसी कारण इसने इस तरह की घटना को अंजाम दे दिया।
दास ने बताया कि हरि भजन गुजरात के रहने वाले थे और सोमनाथ मंदिर के बगल में इनका मंदिर था, पर सड़क चौड़ी करने के लिए सरकार ने इनके मंदिर को गिरा दिया। उसी समय से ये विक्षिप्त हो गए और अयोध्या चले आए। हरि भजन लंबे समय से यहां रह रहे थे।
Submitted By: Edited By: Deepak Yadav
