अयोध्या (हि. स.)। प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए तमाम ऐसी योजनाएं शुरू की है, जिससे राम नगरी में रामलला के दर्शन के बाद तमाम सुविधाओं का लाभ उठा सकें और अयोध्या की पहचान देश विदेश तक पहुंचे।
अयोध्या अब अपनी पहचान को देश-विदेश तक पहुंचा रही है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आने लगे है। लंबे समय तक विवाद की वजह से विकास की दौड़ में पीछे छूटे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत और दीपोत्सव जैसे कार्यक्रमों ने इसका आकर्षण बढ़ा दिया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से ही अयोध्या फोकस में है। इसकी गूंज विदेशों तक पहुंच रही है। देश-प्रदेश के साथ ही विदेशों के भी पर्यटकों के यहां आने का क्रम जारी है।
आपको बता दें कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर तेज गति से आकार ले रहा है। मंदिर का प्रथम तल दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा और जनवरी 2024 में रामलला अपने स्थान पर विराजमान हो जाएंगे। राम मंदिर का गर्भगृह व फाउंडेशन बन कर तैयार हो चुका है और अब उस पर तराशे गए खंभा खड़ा किया जा रहा हैं। बताया जा रहा है कि जनवरी 2024 से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन कर सकेंगे। इसी टाइमलाइन को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य चल रहा है। तो वहीं मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव, पौराणिक स्थलों के नवनिर्माण व पुनरुद्धार आदि की बदौलत अयोध्या में अध्यात्म, संस्कृति व विकास की नई राह दिखाई है। इसकी वजह से ना सिर्फ भारत बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। अब अयोध्या अपने गौरवशाली अतीत के साथ समृद्धिशाली वर्तमान की नई कहानी कह रहा है। आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। योगी सरकार बनने के बाद से अयोध्या ने न सिर्फ आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक ऊंचाइयों को भी छुआ है। श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। कई सदियों से मंदिर की राह देख रहे श्रद्धालुओं को जब इसकी खुशी मिली, तब भी वे खुद को यहां आकर शीश नवाने से रोक न सके। शपथ लेने के उपरांत योगी सरकार ने सबसे पहले यहां के गौरव को पुनः लौटाने का जो संकल्प लिया, आज वह पूरा हो चुका है। लिहाजा बड़ी संख्या में वर्ष 2017 से हर साल अयोध्या में बड़ी धूम-धाम से दीपोत्सव मनाया जा रहा है। दीपावली के मौके पर होने वाले इस बड़े आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे है। इसके प्रति आस्था का दीप जलाने लोग सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सभी राज्यों के साथ विदेशों की धऱती से भी लोग यहां आने लगे। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में पर्यटकों की संख्या भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है। छह वर्ष पूर्व अयोध्या में आरंभ हुए इस आयोजन की चर्चा अब पूरे विश्व में है, जिसे देखने के लिए विदेश से भी लोग खिंचे आ रहे हैं। इस वर्ष दीपोत्सव में रिकार्ड 15.76 लाख दीये जगमगाए और गिनीज बुक में नया कीर्तिमान दर्ज हुआ।
वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य
पुराणों में वर्णित सप्तपुरियों में से एक भगवान श्रीराम की अयोध्या अब देश-दुनिया के पर्यटकों व श्रद्धालुओं को और अधिक लुभा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा अयोध्या को धार्मिक लिहाज से दुनिया के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है। इसके अनुरूप पर्यटन विभाग ने चिन्हित शहरों को पांच साल में वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए इन शहरों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग होगी, उनमें अयोध्या भी शामिल है। काशी और मथुरा भी सप्तपुरियों में शामिल इसके अलावा शिव की काशी, कृष्ण की मथुरा, चित्रकूट तथा बुद्धिस्ट सर्किट से जुड़े स्थल भी शामिल हैं। काशी और मथुरा भी सप्तपुरियों में शामिल हैं। सप्तपुरियों में शामिल अन्य धर्मस्थलों में माया (हरिद्वार), अवंतिका (उज्जयिनी) और द्वारिकाधाम शामिल हैं। अयोध्या में वर्ष 2017 से दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव का आयोजन हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परंपराओं और आस्था को दिलाई वैश्विक पहचान
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पहली बार अयोध्या में 2017 में दीपोत्सव का आयोजन किया। मथुरा में रंगोत्सव-कृष्णोत्सव, वाराणसी में शिवरात्रि और देव दीपावली का आयोजन भी भव्य-दिव्य होने लगा। उत्तर प्रदेश में 2017 में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत कराई। सबसे पहले लगभग 1,87,213 लाख दीपक जलाए गए थे। 2018 में 3,01,152 लाख 2019 में 4,04,026 लाख, फिर 2020 में तीन दिवसीय दीपोत्सव के अवसर पर राम की पैड़ी पर 6,06,569 दीप जलाकर नया गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड बनाया गया था।
2021 में 9,41,551 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया गया। इस बार (2022) के दीपोत्सव में 18 लाख से अधिक दिए जलाए जाने की तैयारी है। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला साल है। जिसके देश-दुनिया में हुए प्रचार-प्रसार से यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर के कारण भी अयोध्या का आकर्षण और पर्यटन बढ़ेगा। जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
वर्ष- भारतीय पर्यटक, विदेशी पर्यटक, कुल पर्यटक
2017- 1,78,32,717 -25,141, – 1,78,57,858
2018-1,95,34,824- 28,335- 1,95,63,159
2019-2,04,63,403- 28,321- 2,04,91,724
2020- 61,93,537- 2,611- 61,96,148
2021-1,57,43,359- 431- 1,57,43,790
2022- 2,21,12,402- 26,403- 2,21,38,805, शामिल हुए। वहीं पर्यटन विभाग का अनुमान है कि वर्ष 2031 तक एक वर्ष में अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या 6.8 करोड़ होगी।
पवन
