अयोध्या (हि. स.)। स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस पर टिप्पणी के बाद अब साधु संतों और जाति विशेष को लेकर एक और टिप्पणी कर विवाद बढ़ा दिया है। अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास के शिष्य संजय दास के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में नागा साधु बुधवार को सड़क पर उतर आए औऱ उनके खिलाफ प्रदर्शन, जुलूस निकालकर पुतला फूंका और राम नाम सत्य के नारे लगाते हुए प्रतीकात्मक अंतिम विदाई भी दी।
स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला लेकर हनुमानगढ़ी से नया घाट तक जुलूस निकाला। जिसके बाद लता मंगेशकर चौराहे पर पुतला दहन कर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्वामी प्रसाद मौर्य माफी नहीं मांगी तो अंजाम और भी बुरा होगा।
संजय दास ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म और हिंदुत्व के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। वह बहुत ही निंदनीय है। एक पार्टी में रहकर उन्हें इस प्रकार का कार्य नहीं करना चाहिए। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह स्वयं माफी नहीं मांगते हैं और उन्हें पार्टी से नहीं निकाला जाता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इस अवसर पर व्यापारी समुदाय भी साथ रहा।
पवन
