-बैठक में शामिल होंगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय
वाराणसी (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर विशाल एवं भव्य मंदिर के निर्माण को लेकर धर्म नगरी काशी में अखिल भारतीय सन्त समिति की पहल पर दो-तीन जनवरी को संतों की खास बैठक आयोजित की गई है। समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय मंत्री अशोक तिवारी, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य रामयत्न शुक्ला भी शामिल होंगे। अस्वस्थता के कारण महन्त नृत्यगोपाल दास इस बैठक में भाग नहीं ले पायेंगे।
महत्वपूर्ण बैठक को लेकर गठित आयोजन समिति के अध्यक्ष सुधीर सिंह ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में दुनिया भर के हिन्दुओं का अंशदान हो सके, इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास ने धन संकलन अभियान का शुभारंभ कर दिया है। धन संकलन का यह अभियान संतों के नेतृत्व में चलेगा। स्थान-स्थान पर इसके लिए संतों की बैठकें हो रही हैं। मंदिर निर्माण में धन संकलन को लेकर समिति की खास बैठक में इसी विषय पर प्रमुखता से चर्चा होगी। ये बैठक दुर्गाकुण्ड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अन्ध विद्यालय में आयोजित की गई है। इसमें समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविचल दास महाराज, सर्वोच्च निदेशक मंडल के सन्त भी भाग लेंगे।
बैठक में ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती, निर्मल अखाड़े के महन्त ज्ञानदेव सिंह, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभाष्कर, स्वामी परमानन्द गिरि, महामंडलेश्वर अलख गिरि, स्वामी विवेकानंद, स्वामी धर्मदेव, महन्त कमलनयन दास, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानन्द गिरि, महामंडलेश्वर अनन्तदेव गिरि, स्वामी देवेन्द्रानन्द गिरि, कालिका पीठाधीश्वर महन्त सुरेन्द्रनाथ अवधूत, महामण्डलेश्वर जनार्दन हरि, स्वामी हंसानन्द तीर्थ, स्वामी दिव्यानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद गिरि, महामंडलेश्वर ईश्वरदास, राधे बाबा निर्मोही, शक्ति शांतानंद महर्षि, महामण्डलेश्वर अनुभूतानन्द गिरि आदि संतों की भी भागीदारी होगी। संतों के लिए सिगरा स्थित कैवल्य ज्ञानपीठ और अस्सी स्थित राम जानकी मठ में निवास की व्यवस्था की गई है।
