– राम की पैड़ी के 32 घाटों पर पर्यवेक्षक, समन्वयक, प्रभारी स्वयंसेवकों के साथ तैनात
– कुलपति प्रो.रविशंकर सिंह ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर घाटों का किया निरीक्षण
अयोध्या (हि.स.)। पंचम दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए अयोध्या राम की पैड़ी पर पर्यवेक्षकों, समन्वयकों, घाट प्रभारियों एवं स्वयंसेवकों को सोमवार को डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कार्य पर लगा दिया गया है। विश्वविद्यालय परिसर से स्वयंसेवक वाहन द्वारा दीपोत्सव स्थल पर पहुंचे तब इनका उत्साह दीपोत्सव को लेकर देखते ही बन रहा है। सभी स्वयंसेवक परिचय पत्र के साथ थे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने दोपहर 12 बजे राम की पैड़ी के घाटों का निरीक्षण किया और स्वयंसेवकों एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने दीपोत्सव की व्यवस्था में लगे पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए दीपों के निर्धारित पैटर्न को देखा।
तीन नवम्बर को होने वाले दिव्य दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी घाट प्रभारी, समन्वयक द्वारा स्वयंसेवकों को दीए के निर्धारित पैटर्न से अवगत कराया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से विश्वविद्यालय द्वारा घाटों पर नौ लाख से अधिक दीए बिछाने व जलाने के लक्ष्य को लेकर घाट नम्बर एक से लेकर 32 तक पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनमें डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी, इंजीनियर रमेश मिश्र, इंजीनियर निधि यादव, डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, डॉ. अन्य डॉक्टरं को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 1 से 32 तक घाट प्रभारी भी बनाए गए हैं।
सभी घाटों पर समन्वयक भी नियुक्त किए गये है, जिसमें घाट एक पर सात समन्वयक, 778 स्वयंसेवकों के सहयोग से 55500 दीए, घाट दो पर पांच समन्वयक, 367 स्वसेवक 27500 दीए, घाट तीन सात समन्वयक, 517 स्वयंसेवक 36700 दीए तथा घाट चार पर 11 समन्वयक, 649 स्वयंसेवक 48300 दीए जलायेंगे। वहीं घाट पांच पर सात समन्वयक, 233 स्वयंसेवक, 19000 दीए, घाट छह पर छह समन्वयक, 239 स्वयंसेवक, 18500 दीए, घाट सात पर 24 समन्वयक, 709, स्वयंसेवक 52000 दीए, घाट आठ पर 21 समन्वयक, 612 स्वयंसेवक, 47200 दीए जलायेंगे।
इसी प्रकार घाट नौ पर 15 समन्वयक, 698 स्वयंसेवक, 52350 दीए, घाट दस पर 27 समन्वयक, 818 स्वयंसेवक, 53800 दीए, घाट 11 पर 11 समन्वयक, 645 स्वयंसेवक, 470000 दीए, घाट 12 पर 10 समन्वयक, 587 स्वयंसेवक, 37500 दीए, घाट 13 पर 10 समन्वयक, 350 स्वयंसेवक, 23600 दीए और घाट 14 पर 13 समन्वयक, 126 स्वयंसेवक, 31900 दीए जलायेंगे। घाट 15 पर 09 समन्वयक, 339 स्वयंसेवक 33000 दीए, घाट 16 पर तीन समन्वयक, 1433 स्वयंसेवक, 9400 दीए, घाट 17 पर 10 समन्वयक 365 स्वयंसेवक, 29500 दीए और घाट 18 पर पांच समन्वयक, 374 स्वयंसेवक, 29300 दीए जलायेंगे। घाट 19 पर आठ समन्वयक, 240 स्वयंसेवक, 19200 दीए, घाट 20 पर 12 समन्वयक, 344 स्वयंसेवक, 28500 दीए, घाट 21 पर छह समन्वयक, 91 स्वयंसेवक 14000 दीए, घाट 22 पर 9 समन्वयक, 117 स्वयंसेवक, 20000 दीए, घाट 23 पर आठ समन्वयक, 184 स्वयंसेवक 15000 दीए, घाट 24 पर आठ समन्वयक, 253 स्वयंसेवक, 21700 दीए, घाट पर 09 समन्वयक, 161 स्वयंसेवक, 13500 दीए, घाट 26 पर सात समन्वयक, 151 स्वयंसेवक, 12500 दीए, घाट 27 पर सात समन्वयक, 116 स्वयंसेवक, 8700 दीए, घाट 28 पर 7 समन्वयक, 542 स्वयंसेवक, 44000 दीए, घाट 29 पर 21 समन्वयक, 568 स्वयंसेवक, 43000 दीए, घाट 30 पर 10 समन्वयक, 389 स्वयंसेवक, 26000 दीए, घाट 31 पर पांच समन्वयक, 184 स्वयंसेवक, 12000 दीए और घाट 32 पर 7 समन्वयकों, 157 स्वयंसेवकों द्वारा 10000 दीए जलाने का लक्ष्य रखा गया है।
दीपोत्सव को सफल बनाने में अवध विश्वविद्यालय सहित कई महाविद्यालय, स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवक प्रतिभाग कर रहे हैं जिसमें विश्वविद्यालय के एमटीए, पर्यावरण, गणित, भौतिकी इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रौढ़ एवं सतत शिक्षा विभाग, इतिहास, केंद्रीय पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, खेल, समाज कार्य विभाग, एमपीएच, अंग्रेजी, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, यूथ हॉस्टल, एमबीए, एमबीए, बीबीए, बीसीए, आईटी, योग विज्ञान, दृश्य कला, अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास सहित कई विभाग के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं।
इसके अतिरिक्त विवेक सिस्टर ट्रस्ट अयोध्या, विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ, साकेत पीजी कॉलेज, राजा मोहन गल्र्स पीजी कॉलेज, वाणी विकलांग, पार्वती गल्र्स ऑफ एजुकेशनल, दीपा फोक आर्ट, श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान अयोध्या समेत कई शिक्षण संस्थाएं, फाउंडेशन, अस्पताल, समितियां, ऑल इंडिया स्पोर्ट्स एंड एजुकेशन व झुनझुनवाला पीजी कॉलेज के साथ अन्य संस्थान प्रतिभाग कर रहे हैं।
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. शैलेन्द्र वर्मा ने बताया कि कुलपति प्रो. सिंह के निर्देश पर दीपोत्सव की तैयारियां तेज की दी गई है। घाटों पर स्वयंसेवकों को प्रभारियों द्वारा दिशा-निर्देश प्रदान कर दिया गया। इनके साथ स्वयंसेवकों ने दीए बिछाने का रिहर्सल किया। छात्र-छात्राओं को परिचय-पत्र के साथ घाटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। कोविड-19 के दिए गए निर्देश के अनुपालन के लिए कहा गया है। आज से दीए बिछाने का कार्य तेजी शुरू हो गया है, जो दो नवम्बर तक चलता रहेगा। तीन नवम्बर दीपोत्सव के दिन दीपों में तेल डालने व जलाने का कार्य होगा। इस कार्य में 12 हजार वालंटियर लगाये गये है। इनकी मदद से पुनः गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकार्ड दर्ज करेंगे।
