लखनऊ (हि.स.)। अयोध्या के संत आचार्य आशीष ने लखनऊ में मेहदींगंज के रामलीला मैदान में सैकड़ों महिलाओं से कलश पूजन कराया। कलश पूजन के बाद संत के नेतृत्व में यात्रा निकली।
संत आचार्य आशीष ने महिलाओं को सात दिनों तक कलश पूजन का संकल्प दिलवाया और इसके पूर्ण होने तक मनव्रत को जारी रखने की बात कही। पूजन के पूर्ण होने पर कलश को प्रवाहित किया जाएगा। संत आशीष ने कहा कि कलश पूजन करने से सुख शांति और समृद्धि आती है। इस पूजा को पति पत्नी को गांठ बांधकर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कलश पूजन में पत्नी या पति के अकेले बैठने पर उसके जीवन साथी का कोई कपड़ा साथ में रखना चाहिए। जिससे संकल्प लिया जा सके। कलश पूजन आदिकाल से चला आ रहा है, इसे सभी को करना चाहिए। वे अयोध्या से लखनऊ में कलश पूजन कार्यक्रम के लिए आये हैं और आगामी सात दिनों तक रहेगें।
कलश पूजन कार्यक्रम के दौरान मेहदींगंज क्षेत्र के सामाजिक लोग, धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले प्रमुख लोगों के अतिरिक्त भारतीय जनता पार्टी के महानगर मंत्री व कार्यकर्ता शामिल हुए।
