लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी डोज की तरह अब प्रथम डोज लेने के लिए स्लाट बुंकिग की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब सीधे टीकाकरण केन्द्र पर जाकर वैक्सीनेशन करवाया जा सकता है। वहीं कामकाजी लोगों को वैक्सीन डोज लगाने के लिए हर जिले में सेन्टर खोला जायेगा। यह सेन्टर सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित किया जायेगा। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने दी।
बताया कि जो लोग वैक्सीनेशन के लिए स्लाट बुक करते है सुबह 11 बजे तक प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन किया जायेगा। प्रदेश में बीते रविवार को एक दिन में कुल 1,48,960 सैम्पल की जांच की गयी है। जिसमें कोरोना संक्रमण के 03 नये मामले आये हैं। प्रदेश के 39 जनपदों में कोविड का कोई भी एक्टिव केस नहीं है। प्रदेश में अब तक कुल 8,37,84,181 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना के कुल 106 एक्टिव मामले हैं तथा 87 लोग होम आइसोलेशन में है।
श्री प्रसाद ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। कोविड का नया क्लस्टर मॉडल 2.0 प्रारम्भ किया गया है। प्रदेश में कल एक दिन में 74,751 डोज दी गयी। प्रदेश में कल तक पहली डोज 9,81,78,865 तथा दूसरी डोज 3,26,81,895 लगायी गयी हैं तथा अब तक कुल 13,08,60,760 डोज दी जा चुकी है।
श्री प्रसाद ने बताया कि जिन मोहल्लों में 80 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन की प्रथम डोज लग गयी है, उन मोहल्लों को प्राथमिकता के आधार वैक्सीन की दोनों डोज से आच्छादित किया जायेगा।
त्यौहारों में सभी लोग कोविड को लेकर रखें विशेष सावधानी
अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि त्यौहारों में सभी लोग कोविड को लेकर विशेष सावधानी बरतें। त्यौहारों के समय अन्य प्रदेशों से लोग उत्तर प्रदेश में आते हैं, इसलिए इस समय सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो अन्य प्रदेशों से आ रहे है, वे अपनी कोविड जांच अवश्य करवा लें।
बताया कि निगरानी समितियों को मेडिकिल किट उपलब्ध करायी जा रही है। कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे।
कानपुर में जीका वायरस के मिले 10 मामले
प्रदेश सरकार द्वारा मच्छर जनित रोग तथा जल जनित रोग से बचाने के लिए आवश्यक चिकित्सीय प्रबन्ध किये गये है। सभी लोग मच्छर जनित एवं जलजनित रोग से बचने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बतायी जा रही सावधानियों को अपनाएं। कानपुर में 10 मामले जीका वायरस के मिले है। जीका वायरस एडिज मच्छर के काटने से फैलता है इसलिये इसके लिए जिस प्रकार से डेंगू एवं चिकनगुनिया के लिए जो सावधानी बरती जा रही है उसी तरह इसके लिए भी सावधानी बरती जाय।
