Thursday, March 5, 2026
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अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन कोऑपरेटिव बैंक की दिशा में आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बी पैक्स सदस्यता महाभियान एवं टोल फ्री नंबर का शुभारंभ किया

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के विकास और अन्नदाता किसानों की जरूरतों को देखते हुए सभी को बैंकिंग सुविधाएं मिलनी चाहिए। सहकारिता विभाग से कहा है कि जिन स्थानों पर बैंक शाखा की आवश्यकता हो, वहां मैपिंग की जाए। उत्तर प्रदेश में एमएसएमई का सबसे बड़ा बेस है, इसके लिए सहकारी बैंकों की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि वहां पर सहकारिता बैंक की एक शाखा खोलने के साथ ही बीसी सखी के कार्यक्रम को जोड़ने का कार्य करें। पहले चरण में बैंक खोलें, दूसरे चरण में इन बैंकों को प्रॉफिटेबल बनाएं और फिर तीसरे चरण में हम वन डिस्ट्रिक्ट, वन कोऑपरेटिव बैंक की परिकल्पना की दिशा में आगे बढ़ें। राज्य सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी।

यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास में बी पैक्स सदस्यता महाभियान एवं टोल फ्री नंबर शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

सहकारिता को समृद्धि से जोड़ने के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही डबल इंजन सरकार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता भारतीय परंपरा का प्राचीन काल से अभिन्न हिस्सा रहा है, लेकिन एक समय सहकारिता के इस कार्य में सेंध लगी और गलत लोग इसमें शामिल हो गए और देश की सबसे बड़ी आबादी के प्रदेश ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई। हम सब आभारी हैं प्रधानमंत्री मोदी के जिन्होंने 2019 में दोबारा पीएम बनने के बाद सहकारिता को मंत्रालय का दर्जा दिया। सहकारिता को आम नागरिक के जीवन में समृद्धि का एक माध्यम बनाकर उसे समृद्धि, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

सहकारिता आंदोलन को नई गति देगा अभियान

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में खेती ही उसकी सबसे बड़ी समृद्धि रही है। हमारे पास दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि है तो सबसे अच्छा जल संसाधन भी मौजूद है। 2.61 लाख से अधिक किसान ऐसे हैं जो पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े हुए हैं। यानी 3 करोड़ किसान हमारे पास हैं जो इस अभियान से जुड़कर इसको समृद्धि के पथ पर अग्रसर करके उत्तर प्रदेश की कृषि को उत्तर प्रदेश की समृद्धि से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं। भारत की आजादी के समय कुल जीडीपी का 40 फीसदी से अधिक भाग कृषि का था।

पैक्स की बढ़ाएं क्रेडिट लिमिट, फसली ऋण को सहकारी बैंकों से जोड़ें

मुख्यमंत्री योगी ने पैक्स की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के साथ ही फसली ऋण के विषय में लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अभी जो हमारे पास 7500 पैक्स हैं, इनमें फर्टिलाइजर की खरीद के लिए जो लिक्विडिटी चाहिए उससे काफी कम है। प्रदेश की आवश्यकता के अनुरूप पैक्स 10 लाख की क्रेडिट लिमिट आवश्यक है। इस संबंध में तत्काल कार्यवाही को आगे बढ़ाकर 7500 पैक्स की क्रेडिट लिमिट को आगे बढ़ाना चाहिए, जिससे किसान को सहूलियत हो। राज्य सरकार इस संबंध में पूरा सहयोग करेगी। यदि डिजिटल पेमेंट पर वह समय पर अपनी किस्त भर लेता है तो जो ब्याज आता है उस पर राज्य सरकार स्तर पर उसको इंसेटिव देने की व्यवस्था होनी चाहिए जिससे लोकल स्तर पर अपने हस्तशिल्पी और कारीगरों को प्रोत्साहित कर सकें। अच्छा होगा कि उसे कोऑपरेटिव बैंक से जोड़ें, जो उनकी छोटी जरूरतों को पूरा करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सहकारिता बीएल मीणा एवं जनप्रतिनिधि और सहकारिता से जुड़े लोग मौजूद रहे।

क्या है बी पैक्स महाभियान

बी पैक्स यानी बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों के खोले जाने की योजना है। जनपद में किसानों को सस्ते दर पर खाद, बीज व सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 250 सहकारी समितियां संचालित हैं। भविष्य में ऋण वितरण, खाद व बीज वितरण को लेकर दिक्कत न हो इसलिए बी-पैक्स महाभियान के तहत हर समितियों पर एक सितंबर से सदस्य बनाए जाएंगे। जिसकी वार्षिक ब्याज दर भी कम होगी। कोई भी सदस्य जो साधन सहकारी समिति के ग्राम पंचायत में रहता हो और अस्थाई रूप से व्यापार करता हो या भू-स्वामी हो, इसके अलावा समिति में धन जमा करना चाहता हो वह समिति का साधारण सदस्य बन सकता है। सदस्य बन जाने के बाद किसानों को साधन सहकारी समिति का लाभ लेने में आसानी होगी।

राजेश/डॉ. आमोदकांत

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