– बसपा प्रमुख ने दस मंडलों के पदाधिकारियों के साथ की बैठक
– कार्यकर्ताओं की प्रगति रिपोर्ट से अपडेट कराने को कहा
लखनऊ(हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश के लगभग 10 मंडलों के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बसपा अध्यक्ष मायावती ने बैठक में पदाधिकारियों को कहा कि पूरी कमेटी का गठन कर, कैडर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी स्पष्ट हो। कार्यकर्ताओं के कार्यों की लगातार समीक्षा प्रगति रिपोर्ट से उन्हें भी अपडेट रखा जाए।
मायावती ने कहा कि यूपी अभी कोरोना के प्रकोप के सदमे से उबरा नहीं है। बाढ़ की समस्या के साथ डेंगू आदि बुखार से भारी संख्या में बच्चों की हो रही मौतों की खबर अति दुखद है। सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। फिर हालात के बेकाबू होने से पूरे प्रदेश में लोग और भी परेशान होंगे।
बसपा अध्यक्ष ने पार्टी के लोगों को निर्देश देते हुए कहा कि वे लोग अपनी हैसियत के हिसाब से मुसीबत में फंसे लोगों की यथासंभव मदद करें। इससे पहले हालात और ज्यादा खराब हो, सरकार को अपना रुतबा कायम कर कानून के राज की बहाली का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वास्तविक अपराधियों एवं दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही राजनीतिक भेदभाव के तहत कतई नहीं होनी चाहिए। रसोई गैस की कीमत में भारी वृद्धि से गरीब तबके के लोगों की परेशानी है। सरकार को पेट्रोल, डीजल की कीमत की बेतहाशा वृद्धि पर रोक लगानी चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के गलत कारनामों के कारण से भाजपा देश और प्रदेश में आ गयी। अब प्रदेश की जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती गरीबी, तनाव, हिंसा के कारण बदहाल है और इनसे मुक्ति पाने को बैचेन है।
