Sunday, March 29, 2026
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 अपने ही अपहरण की साज़िश रचने वाला नशेड़ी युवक एवं दोस्त गिरफ्तार

गाजियाबाद(हि.स.)। मौजमस्ती के लिए अपने ही अपहरण की साज़िश रचकर परिजनों से फिरौती मांगने वाले नशेड़ी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस अपराध में सहयोग करने वाले उसके दोस्त को भी पुलिस ने दबोच लिया है। इस पूरी साजिश की उसने टीवी सीरियल क्राइम पैट्रोल, सीआईडी देखकर साज़िश रची थी।

पुलिस उपायुक्त ग्रामीण विवेक कुमार यादव ने बताया कि 31जुलाई को शुभम विश्वकर्मा निवासी धामा इन्कलेव ने थाना लोनी बोर्डर पर विपक्षी द्वारा वादी के भाई शिवम को बंधक बनाने व वादी से वाट्सएप मैसेज के जरिये 54 हजार, 800 रुपये मांगने एवं न देने पर धमकी देने के सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की। विवेचना के दौरान धमकी देने वाले और व शिकायतकर्ता के भाई शिवम की तलाश की जा रही थी। जिनकी तलाश के लिए मैनुअल इनपुट,सर्विलांस एवं मुखबिर आदि की मदद ली गयी। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि वादी का भाई शिवम नशा पत्ता करने का आदि है। जिसने घरवालों से पैसे लेने के लिये स्वंय ही अपने आप को बंधक बनाकर घरवालों से रुपये मांगने की झूठी साजिश अपने दोस्त के साथ मिलकर तुकमेरपुर थाना खजुरी दिल्ली स्थित फैक्ट्री में रची थी।

शनिवार को शिवम व उसके दोस्त रोशन कुमार पुत्र लालबाबू शाह निवासी नया गाँव जिला सारनपुर (छपरा) बिहार हाल पता तुकमेरपुर थाना खजुरी दिल्ली को तुकमेरपुर दिल्ली फैक्ट्री से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में शिवम ने बताया कि मैं नशा करने का शौकीन हूँ। मुझे रुपयों की जरुरत थी, मैंने घरवालों से अपनी जरुरत के लिये रुपये मांगे तो घरवालों ने मुझे रुपये नहीं दिये। मैं टीवी पर क्राइम पैट्रोल एवं सीआईडी आदि सीरियल देखता हूँ, उसी को देखकर मेरे दिमाग में आया कि मुझे किसी न किसी तरह घरवालों से पैसे लेने है, जिसके लिये मैं दोस्त रोशन कुमार की खराद की फैक्ट्री तुकमीरपुर शेरपुर चौक थाना खजुरी दिल्ली चला गया। जहां मैंने अपने दोस्त रोशन कुमार के साथ उसी की फैक्ट्री में अपने हाथ पैर बँधवाकर अपनी फर्जी वीडियो बनवाई, जिसे मैंने स्वंय ही अपने मोबाइल नंबर से अपने भाई शुभम के मोबाइल नंबर व अपने घरवालों के मोबाइल नंबर पर भेजकर व चैटिंग भेजकर 54हजार 800 रुपये की मांग की थी। जिसमें वीडियो देखकर मेरे भाई ने मेरे मोबाइल नम्बर पर 20हजार रुपये मेरे पेटीएम नम्बर पर भेज भी दिये थे, जिसमें से करीब 17हजार रुपये नकद निकाल लिये थे। जो अपनी मौज मस्ती में खर्च कर दिये हैं। बताया कि मैं स्वंय ही अपने आप को बंधक बनाने की झूठी साजिश रची थी।

फरमान अली/राजेश

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