Saturday, March 28, 2026
Homeउत्तर प्रदेशअनुकरणीय है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, दहेज प्रथा पर लगेगा लगाम

अनुकरणीय है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, दहेज प्रथा पर लगेगा लगाम

– मुख्यमंत्री हों तो ऐसे, सहृदयता से निभाते हैं पिता का दायित्व

– मीरजापुर में अब तक 3824 बेटियों की करा चुके हैं शादी

– अब गरीब परिवार को बेटियों के हाथ पीले कराने की चिंता नहीं

– आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर बोझ नहीं बनतीं बेटियां

मीरजापुर (हि.स.)। आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी चिंता बेटी के हाथ पीले करने यानी शादी की होती है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गत छह वर्ष से उनकी यह चिंता दूर हो गई है। अकेले मीरजापुर में योगी सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2017 से अब तक 3824 आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों के हाथ पीले करा चुकी है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की खास बात यह है कि भव्य वैवाहिक कार्यक्रम के सारे इंतजाम योजना के तहत किए जाते हैं। वर-वधू पक्ष को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। यहां तक कि शादी की रस्म के लिए पुरोहित अथवा काजी की भी व्यवस्था सरकार करती है।

समाजसेवी समीर दुबे ने कहा कि यकीनन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ह्दयवान पिता की तरह शादी समारोह को सम्पन्न कराते हैं। दूसरे राज्यों की सरकारों के लिए भी यह अनुकरणीय है। इससे दान-दहेज की प्रथा को बल नहीं मिलता है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर बेटियां बोझ नहीं बनतीं। उल्लास के साथ मुख्यमंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के आशीर्वाद के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियां ससमय अपने घरों को विदा हो जाती हैं।

नवयुगलों को आजीवन यादगार रहेगी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक मीरजापुर में 3824 विवाह करा चुके हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीशचंद्र दुबे कहते हैं कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसमें वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने वाले जोड़ों को गृहस्थी के जरूरी सामान देने के साथ भविष्य की जरूरतों के लिए बिटिया के खाते में 35 हजार रुपये की धनराशि भी दी जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति विवाह सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती है। इसमें से 35 हजार रुपये विवाह बंधन में बंधने जा रही कन्या के बैंक खाते में अंतरित कर दिए जाते हैं। 10 हजार रुपये उपहार व शेष राशि अन्य खर्चों के मद में है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना नवयुगलों के लिए आजीवन यादगार रहेगी।

वर-वधू को यह दिए जाते हैं उपहार

वधू के लिए कढ़ाई की एक साड़ी, एक चुनरी, एक डेली यूज की साड़ी, वर के लिए कुर्ता-पायजामा, पगड़ी तथा माला। मुस्लिम विवाह के लिए वधू को कढ़ाई वाला सूट, चुनरी, सूट का कपड़ा, वर के लिए कुर्ता-पायजामा आदि। आभूषण में 25 ग्राम की चांदी की पायल, छह ग्राम का बिछिआ। गृहस्थी के समान में एक कुकर, एक जग या लोटा, दो थाली, दो गिलास, दो कटोरा व चम्मच, एक बक्सा तथा एक श्रृंगारदानी, प्रसाधन सामग्री से भरी हुई।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की उपलब्धि

वित्तीय वर्ष : शादियों की संख्या

2017-18 : 185

2018-19 : 365

2019-20 : 513

2020-21 : 396

2021-22 : 626

2022-23 : 1559

2023-24 : 180

कुल योग : 3824

कमलेश्वर शरण

RELATED ARTICLES

Most Popular