मेरठ (हि.स.)। किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए कृषि विभाग ने पुख्ता तैयारी की है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए अधिकृत निजी और सहकारी बिक्री केंद्र से ही उर्वरक खरीदने की हिदायत दी है।
जिला कृषि अधिकारी मेरठ प्रमोद सिरोही ने बताया कि खरीफ वर्ष 2022 प्रारम्भ हो गया है, किसानों द्वारा खाली खेतों में उर्वरकों की खरीद कर बुवाई की जा रही है। जनपद मेरठ में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए केवल अधिकृत निजी अथवा सहकारी उर्वरक बिक्री केन्द्रों से उर्वरकों की खरीद करने की सलाह दी जा रही है। गांवों में घूमकर उर्वरक, खाद, दवाइयां बेचने वालों से कोई खरीददारी न करें। ऐसे लोगों के पास बिल आदि अभिलेख भी उपलब्ध नहीं होते हैं तथा उनके बारे में किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं होती।
उन्होंने बताया कि किसान उर्वरक खरीदते समय अपना आधार कार्ड साथ लेकर जाये और आधार कार्ड से ही उर्वरक क्रय करें। पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची या कैश मैमो अवश्य प्राप्त करें। पर्ची को देखकर यह तय करें कि जितना उर्वरक उनके द्वारा क्रय किया गया है, उतने ही उर्वरक की पीओएस पर्ची उपलब्ध कराई गई है या नहीं।
किसी क्षेत्र में उर्वरकों की कमी होने पर तक तत्काल सहायक आयुक्त, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला गन्ना अधिकारी मेरठ को सूचना दें, ताकि समय से उर्वरकों की आपूर्ति कराई जा सके। जनपद में निजी क्षेत्र एवं सहकारी क्षेत्र के खुदरा विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप
