लखनऊ (हि.स.)। निषाद पार्टी के युवा नेता और आईटी सेल के प्रभारी द्वारिका साहनी ने शनिवार को यहां कहा कि अधिकार मांगने पर अखिलेश यादव ने गोली चलवायी थी, अमित शाह ने गले लगाया। कसरवल कांड के वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश की बर्बरता का दृश्य सबके आंखों के सामने आज भी ताजा है।
चुनावी समर में प्रचार में जुटे द्वारिका ने कहा कि सरकारी नौकरी में निषाद के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग लेकर सात जून 2015 को गोरखपुर और संत कबीरनगर की सीमा पर कसरवल में आंदोलन हो रहा था, तभी जमकर बवाल हुआ। इसमें अखिलेश यादव के निर्देश पर पुलिस ने गोली चलायी थी। इसमें निषाद पार्टी के नेता अखिलेश निषाद की मौत हो गयी थी।
कहा कि कसरवल कांड के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा.संजय निषाद को मुख्य आरोपी बना दिया गया और उन्हें जेल में रहना पड़ा था। उस कांड के बाद निषाद पार्टी ने संघर्ष की ओर कदम बढ़ाया और इस मुद्दे पर भाजपा के रणनीतिकार अमित शाह ने निषाद समाज की आवाज सुनी और गले लगाया।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी सभी सीटों पर जोरदार तरीके से जीत हासिल करने जा रही है। चौरीचौरा विधानसभा में डा.संजय निषाद के पुत्र श्रवण निषाद भाजपा के सिम्बल पर चुनाव लड़ रहे हैंं। चौरीचौरा में गठबंधन की लहर चल रही है। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत प्रत्याशियों के पीछे लगी है और जो जीत दिलायेगी।
कहा कि सोशल मीडिया पर निषाद पार्टी ने पूरी धमक के साथ शुरुआत की है। 10 मार्च को उत्तर प्रदेश में भाजपा एवं गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी एवं अन्य पार्टियों की सरकार बनेगी। जनता हमारे नेता डा.संजय निषाद के साथ है।
शरद/दीपक
