उतरौला( बलरामपुर) ।
खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार एवं स्पेशल एजुकेटर शाह मोहम्मद द्वारा गुरुवार को विकासखंड उतरौला के परिषदीय विद्यालयों के पांच अति गंभीर दिव्यांग बच्चों को राज्य परियोजना निदेशक से आवंटित विशेष सहायक शिक्षण सामग्री किट वितरित किया गया। विशेष शिक्षण सामग्री किट पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे। खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि
दिव्यांगता की वजह से विद्यालय नहीं पहुंचने वाले बच्चों को भी समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इसमें ब्लॉक के पांच अति गंभीर दिव्यांग विद्यार्थियों को घर बैठे ही शिक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसके तहत बच्चे की उम्र के मुताबिक घर के समीप स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकन कराया जाएगा। दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए तैनात किए गए स्पेशल एजुकेटर्स उन्हें घर जाकर उनके स्वास्थ्य के साथ ही अध्यापन भी कराएंगे। एजुकेटर को पांच बच्चों की जिम्मेदारी दी गई है। निगरानी के लिए नामांकित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को नोडल बनाया जाएगा।
शिक्षण सामग्री मुफ्त उपलब्ध होगी: जो बच्चे चलने-फिरने में सक्षम हैं, उन्हें सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाकर आगे की पढ़ाई कराई जाती है। मगर चलने-फिरने में असमर्थ विद्यार्थियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसी को देखते हुए शासन द्वारा विशिष्ट दिव्यांगता वाले बच्चों को घर बैठे पढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय मधुपुर में नामांकित कक्षा दो की छात्रा विद्या तिवारी, प्राथमिक विद्यालय तिलहर की अंतिमा, कंपोजिट विद्यालय बासूपुर की नंदिनी, प्राथमिक विद्यालय चीती के विशोष कुमार, बढ़या पकड़ी के साहिल को शिक्षण सामग्री के लिए सीपी चेयर, मल्टी सेंसरी इंटीग्रेटेड एजूकेशन किट, गुब्बारे, फ्लैश कार्ड, पिक्टोरियल चार्ट, मानचित्र, ब्रेल मैटेरियल्स, स्पर्शीय चित्र, शरीर के अंग फलों सब्जियों, डॉक्टर सेट के मॉडल, ड्रीम ब्लॉक्स, काउंटिंग फ्रेम, किचन सेट, भारत के नेता, शरीर के अंग, प्राथमिक चिकित्सा, अल्फाबेट चार्ट समेत अन्य उपकरण मुहैया कराए गए हैं।
अति गंभीर दिव्यांग बच्चों को दी गई विशेष सामाग्री किट
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