-हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडाणी 21वें स्थान पर खिसके, 62 बिलियन डॉलर का नुकसान
नई दिल्ली (हि.स.)। शेयर बाजार में अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में जारी उतार-चढ़ाव के समूह ने बड़ा ऐलान किया है। अडाणी समूह प्रवर्तक कर्जदाताओं के पास गिरवी रखे शेयरों को परिपक्वता अवधि से पहले छुड़ाने के लिए 111.4 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगा। इन शेयरों की परिपक्वता अवधि सितंबर, 2024 तक है।
कंपनी ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि शेयर बाजार में आए उतार-चढ़ाव और सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के एवज में लिए कर्ज कम करने की प्रवर्तकों की प्रतिबद्धता के परिप्रेक्ष्य में 111.4 करोड़ डॉलर का समय-पूर्व भुगतान का फैसला लिया गया है। इसमें अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स लिमिटेड, अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयर शामिल हैं।
बयान के मुताबिक इस भुगतान से अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स लिमिटेड के 16.827 करोड़ शेयर वापस आएंगे, जो प्रवर्तकों की कुल 12 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के 2.756 करोड़ शेयर वापस होंगे, जिसमें प्रवर्तकों की तीन फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा अडाणी ट्रांसमिशन के 1.177 करोड़ शेयर भी जारी होंगे, जिसमें प्रवर्तकों की कुल 1.4 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी का यह कदम शेयरों को गिरवी रखकर वित्त पोषण की व्यवस्था वाले सभी मामलों में समय-पूर्व भुगतान के प्रर्वतकों के आश्वासन के अनुरूप है।
हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट में अडाणी समूह के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और शेयरों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद कंपनी का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी की रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। 4 फरवरी तक अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी करीब 59 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में 21वें स्थान पर थे। वे इस साल अब तक अपनी 62 बिलियन डॉलर की संपत्ति गंवा चुके हैं। हालांकि, समूह के इस फैसले से अडानी पोर्ट्स के शेयर में 10 फीसदी तक का उछाल देखने को मिल रहा है।
प्रजेश/सुनीत
