– बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में बोले मुख्यमंत्री योगी
– लैब व लाइब्रेरी तक सीमित न रहें मेडिकल स्टूडेंट, ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बीमारियों का कारण पता लगाएं : सीएम
गोरखपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) की स्वर्ण जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जन-स्वास्थ्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सरकार अब अच्छा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारी का सिर्फ इलाज ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बीमारी के मूल कारण का पता लगाना होगा। उसे शुरुआत से ही रोका जाना जरूरी है। चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों की जिम्मेदारी बताते हुए सीएम ने कहा कि वह इलाज करने के साथ ही शोध-अनुसंधान को बढ़ावा दें। किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने इंसेफेलाइटिस को लेकर किए गए अपने संघर्ष का स्मरण किया और कहा कि 1998 से इस मुद्दे पर जनांदोलन खड़ा किया गया लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि उस समय इंसेफेलाइटिस पर एक भी रिसर्च पेपर नहीं था। एक-एक मरीज ही शोध का केंद्र होता है। दैनिक कार्यों को करते कहा चिकित्सक अपने शोध को आगे बढ़ा सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा के छात्र लैब और लाइब्रेरी तक ही सीमित न रहें, ग्रामीण क्षेत्रों में जाएं। बीमारी के कारण का पता करें। रिसर्च पेपर तैयार करें। पास आउट डॉक्टर्स अपने अनुभव के आधार पर रिसर्च पेपर बनाएं। राज्य सरकार उनके अनुभवों और सुझावों को देखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बाधित किया गया तो हम पिछड़ जाएंगे। प्रदेश में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर व फैकल्टी का अब अभाव नहीं है। अब इसके अनुरूप पाठ्यक्रमों के संचालन व शोध कार्यों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
भारत ने प्रस्तुत किया दुनिया का शानदार कोरोना प्रबंधन मॉडल
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पूरी दुनिया के सामने कोरोना प्रबंधन का शानदार मॉडल प्रस्तुत किया है। अमेरिका और यूरोप भले ही हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत आगे हों लेकिन कोरोना प्रबंधन में भारत उनसे बहुत आगे रहा है। अमेरिका की आबादी भारत की आबादी की एक चौथाई है। वहां कोरोना से दोगुनी मौतें हुईं। देश की 135 करोड़ आबादी पीएम मोदी के नेतृत्व में कोरोना की आहट के साथ ही तैयार थी। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन पूरी दुनिया में सिर्फ भारत में ही दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना प्रबंधन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसके मॉडल को हम दैनिक जीवन में भी ले सकते हैं।
वैक्सीन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने इंसेफलाइटिस का वैक्सीन आने में लगे 100 साल और महज नौ माह में तैयार हुई कोरोना की दो वैक्सीन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1977-78 में जापानी इंसेफलाइटिस का पता चला। 2017 तक लगातार 40 वर्षों तक इससे होने वाली मौतों का सिलसिला जारी रहा। जापान में इसकी वैक्सीन 1905 में ही बन गई लेकिन गोरखपुर आने में इसे 100 साल लग गए। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोरोना काल के दौरान महज नौ माह में दो स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर लिए।
आमोद
