लखनऊ(हि.स.)। विधानसभा चुनाव में हार से कई राजनीतिक दलों में खामोशी छायी हुई है तो समाजवादी पार्टी में स्वामी प्रसाद मौर्य और गठबंधन में शामिल हुए महान दल के केशव देव मौर्य में मैं मौर्य, मैं मौर्य की लड़ाई शुरु हो गयी है। दोनों नेताओं के बयान अखिलेश यादव से अपनी नजदीकी बताने में लगे हैं।
समाजवादी पार्टी के गठबंधन में सबसे पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश में गहरी पैठ रखने वाला महान दल जुड़ा था और उनके समर्थन में गठबंधन के प्रति निष्ठा थी। महान दल के अध्यक्ष केशवदेव मौर्य ने एक बयान में कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने समाजवादी पार्टी में भेजा और इस कारण से उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल पर भारी असर हुआ।
केशवदेव मौर्य ने मौर्य समाज को चुनाव हारने पर उदास बताया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष को गठबंधन के अनुसार महान दल के पूरे समर्थकों के मतदान को शत-प्रतिशत कराने का दावा भी किया।
अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बैलेट पेपर में पार्टी के आगे रहने वाले ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। अखिलेश यादव ने एक ट्वीट कर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद की पंक्तियों का उपयोग किया।
मौर्य समाज के चेहरे के रुप में स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में आने पर तो महान दल के केशवदेव मौर्य ने कोई बयान नहीं दिया था। चुनाव में स्वामी प्रसाद मौर्य के हारने के बाद केशवदेव मौर्य अपना दबदबा बनाये रखने के लिए खुल के सामने आ गये हैं। और स्वयं के मान प्रतिष्ठा, सम्मान के लिए मुखर होकर बयान दे रहें है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उनको समझाने की कोशिशें भी शुरु हो गयी हैं।
शरद
