Thursday, April 2, 2026
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 अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास कटलैस एक्सप्रेस में शामिल हुआ युद्धपोत त्रिकंद

– बहरीन, जापान, ओमान, सऊदी अरब, यूएई, ब्रिटेन, अमेरिका की नौसेनाएं साथ

– खाड़ी क्षेत्र में 16 मार्च तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास कटलैस एक्सप्रेस

नई दिल्ली(हि.स.)। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद ने खाड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास कटलैस एक्सप्रेस के समुद्री चरण-I में भाग लिया। इस दौरान जहाज ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने, शिपिंग लेन को खुला रखने और नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सामान्य उद्देश्य के साथ बहरीन, जापान, ओमान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका की नौसेना इकाइयों के साथ समन्वित रूप से अभ्यास किया।

यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 26 फरवरी को शुरू हुआ था, जो 16 मार्च तक खाड़ी क्षेत्र में चलेगा। आईएनएस त्रिकंद भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है और मुंबई में मुख्यालय वाले पश्चिमी नौसेना कमान के तहत काम करता है। इस आधुनिक युद्धपोत को लंबी पहुंच और अत्याधुनिक कॉम्बैट सूट के साथ व्यापक स्पेक्ट्रम के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह अभ्यास समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने और समुद्री वाणिज्य के लिए क्षेत्र में समुद्री लेन को सुरक्षित रखने के सामान्य उद्देश्य के साथ 50 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ किया जा रहा है।

समुद्री अभ्यास कटलैस एक्सप्रेस दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यासों में से एक है। इससे पहले नवंबर, 2022 में आईएनएस त्रिकंद ने सीएमएफ के नेतृत्व वाले ऑपरेशन सी सोर्ड 2 में भाग लिया था। सी स्वॉर्ड 2 और आईएमएक्स/सीई-23 जैसे अभ्यासों में भागीदारी भारतीय नौसेना को हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री भागीदारों के साथ संबंधों को मजबूत करने और सामूहिक समुद्री क्षमता बढ़ाने में सक्षम बनाती है। यह अभ्यास नौसेना को क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा में रचनात्मक योगदान करने में भी सक्षम बनाता है।

आईएनएस त्रिकंद अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है। यह पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है जो मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तहत काम करता है। यह भारतीय नौसेना द्वारा ऑर्डर किए गए तलवार-श्रेणी के फ्रिगेट के दूसरे बैच का तीसरा और अंतिम जहाज है। इसे कलिनिनग्राद, रूस में यंतर शिपयार्ड ने बनाया था। इसे 29 जून, 2013 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

सुनीत/दधिबल

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