कुशीनगर (हि.स.)। गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर को एक विकसित एवं पूर्ण नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए (मेगा टाउनशिप) बनी महायोजना 2031 दम तोड़ने के कगार पर खड़ी है।
वर्ष 2004 में बनी महायोजना 19 साल बाद भी जहां से चली वहीं पर खड़ी है। महायोजना में राज्य सरकार ने 28 मई 2004 को कुशीनगर सहित आसपास के 122 गांवों को शामिल कर महायोजना 2021 तैयार किया। अनेक औपचारिकताओं से गुजरने के बाद जनवरी 2005 से महायोजना प्रभावी हुई। पुन: फरवरी 2008 में 135 गांवों को शामिल कर लिया गया। वर्ष 2009 में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव आ जाने और गांवों की कुल संख्या 257 हो जाने के कारण नगर और ग्राम नियोजन विभाग महायोजना 2031 तैयार की।
पर्यटन की असीम संभावनाओं को ध्यान में रखकर जिले में 3.94 लाख की आबादी को बड़े शहरों की तरह से आधारभूत उच्चस्तरीय नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया गया। वर्तमान में प्राधिकरण का स्थाई कार्यालय तो बन गया है, लेकिन आज भी प्रतिनियुक्ति के कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। प्राधिकरण के पास काम के नाम पर नए भवनों का मानचित्र स्वीकृत करना और मानचित्र शुल्क और स्टांप शुल्क की धनराशि से सड़क, नाला आदि का निर्माण करने तक सिमट कर रह गया है। दूसरी तरफ शासन से प्राधिकरण विकास कार्यों के लिए स्टांप ड्यूटी की मिल रही दो प्रतिशत धनराशि भी नहीं मिल रही है।
महायोजना 2031 के दृष्टिगत आवासीय, व्यावसायिक, सामुदायिक सुविधाओं, सुगम यातायात प्रणाली के लिए मार्ग संरचना, अंतरराष्ट्रीय व अंतरप्रांतीय बस अड्डा, आवासीय कालोनी अड्डा आदि विकसित करने के भूमि की आवश्यकता जताते हुए स्थान चिन्हित किए गए। किंतु इस दिशा में प्राधिकरण रत्ती भर भी कार्य नहीं कर सका है।
महायोजना के लिए प्रस्तावित भूमि उपयोग
आवासीय भू उपयोग 1117.09 हेक्टेयर, व्यावसायिक भू उपयोग 182.00 हेक्टेयर, औद्योगिक भू उपयोग 110.08 हेक्टेयर, मनोरंजन भू उपयोग 658.45 हेक्टेयर, सार्वजनिक अर्ध सार्वजनिक भू उपयोग 917.90 हेक्टेयर, यातायात व परिवहन भू उपयोग 729.95 हेक्टेयर, शहरीकरण के लिए भू उपयोग 2323.72 हेक्टेयर प्रस्तावित की गई है। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि
महायोजना 2031 शासन में विचाराधीन है। समय-समय पर मांगी गई सूचना दी जा रही है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है। जो भी होना है वहीं से होगा। अंतिम मुहर शासन का ही लगना है।
गोपाल/दीपक/मोहित
