प्रेम लीलाओं के छह प्रकार

डा. माधव राज द्विवेदी सुदूर प्रवास के बाद प्रेमी युगल का जो मिलन होता है, वह अपूर्व आनन्द देने वाला होता है। यदि वह मिलन अचानक सम्पन्न होता है तो … Read More

इक वो भी दीवाली थी

श्वेता गोयल दीपान्विता, दीपमालिका, कौमुदी महोत्सव, जागरण पर्व में आधुनिक काल की फिल्मों ने भले ही दीवाली के प्रसंग को भुला दिया है लेकिन पुरानी फिल्मों में बताया गया दीपक … Read More

जयंती पर विशेष : जब फ़िराक ने ठुकरा दिया इंदिरा गांधी का प्रस्ताव

साहित्य डेस्क ’आने वाली नस्लें तुम पर रश्क करेंगी हमअस्रों, जब ये ख्याल आयेगा उनको, तुमने फ़िराक़ को देखा था…।’ फ़िराक गोरखपुरी की बड़ी शख्यियत को बयां करती ये लाइनें … Read More

मंगलाचरण

डॉ. वाटिका कंवल श्रीराम सब सुख धाम, सुमिरन कर सदा मन बावरेसर्वज्ञ सब गुन अज्ञ, अगुन अद्वैत सुंदर सांवरे।रश्मिल बदन शोभा सदन लख कोटि काम लजाव रेतात्विक अगुन सात्विक सगुन … Read More

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