हिन्दुस्तान डेली न्यूज आइए, सबसे पहले हम जानते हैं कि दुशाला थी कौन? महाभारत के अनुसार, धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी को महर्षि वेद व्यास द्वारा 100 पुत्रों का वरदान प्राप्त था। गांधारी जब गर्भवती हुई, तो दो साल तक उनका गर्भ ठहरा रहा। लेकिन जब गर्भ बाहर आया तो वहContinue Reading

फारूख सरल लाखन मनइन का मारि दिहिस, यहु टीवी केरि खबर मा है।जीवाणु बड़ा ही घातक है, यह कै दहशत हर घर मा है।है सॉचु बात या झूठ आय, सगरौ संसार भरम मा है।हैं कहति कोरौना सब जेहिका जन्मा यू चीन के घर मा है।। कतने कवि कविता लिखि डारिन,Continue Reading

डॉ. वाटिका कंवल अब गांव मोरा स्वर्ग समान ओ मोरी गुइयांअब गांव मोरा स्वर्ग समान।1.फूलि-फूलि बगिया मां फूली फुलवारीगोबरा से लीपि घर बखरी हमारीअंगना मां बबुआ मारेला किलकारीजा लखि मन हरषान। बखरी है देह भरी बदरी सयानीझमर-झमर झम बरसेला पानीबबुआ घरवा मां झकझोरै पानीमछरी गिरी है उतान। गोहुंआ के ऊपरContinue Reading

डा. माधव राज द्विवेदी हित अथवा प्रेमतत्व राधाबल्लभ मधुर रस साधना का मूलाधार है। यही विभिन्न कारण कार्यों के संयोग से विभिन्न रूपों में चरितार्थ होता हुआ विभिन्न रसों के रूप में आस्वादित होता है। नित्य क्रीड़ा परायण हित तत्व भगवान् की क्रीड़ा वैचित्री का मूल तत्त्व है। इस प्रकारContinue Reading

डा. माधव राज द्विवेदी राधा बल्लभ सम्प्रदाय के नित्य विहार में प्रेम को साध्य तत्व माना गया है तथा काम चेष्टाओं को उसके आस्वादन के साधन रूप में स्वीकार किया गया है। इन्हीं काम चेष्टाओं को नेम की संज्ञा दी गई है। प्रेम और नेम के नित्य योग से हीContinue Reading

डा. माधव राज द्विवेदी कृष्णावत माधुर्य भक्ति साहित्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी राजस्थान की अनन्य प्रेम भक्तिन मीराबाई का पदावली साहित्य है। गिरिधर गोपाल की अनन्य उपासिका तथा मधुर रस की अपूर्व गायिका मीरा के व्यक्तित्व के समान ही उनकी भक्ति पद्धति और साहित्य का स्वरूप अत्यन्त विलक्षण है।Continue Reading

सुधांशु द्विवेदी तुम्हारी आँखों में नई आँखों के छोटे-छोटे दृश्य हैं,तुम्हारे कंधों पर नए कंधों काहल्का-सा दबाव है ..तुम्हारे होंठों पर नई बोली की पहली चुप्पी हैऔर तुम्हारी अंगुलियों के पास कुछ नए स्पर्श हैंमाँ, मेरी माँ,तुम कितनी बार स्वयं से ही उग जाती होऔर माँ, मेरी जन्मकथा कितनी ताजीऔरContinue Reading

हेमंत शर्मा दुनिया आज मदर्स डे बना रही है। पर मेरे लिए यह बकवास है। मेरी दृष्टि में माँं कोई एक दिन याद करने का रिश्ता नही है। मैं हर वक्त उन्हें याद करता हूं। उनके स्पर्श और गन्ध को महसूस करता हूँ। अम्मा को गए अठ्ठाईस बरस हो गए।Continue Reading

डा. माधव राज द्विवेदी बल्लभीय मधुर रस साधना का एकमात्र प्रयोजन कृष्ण प्रेम की प्राप्ति है। राधा-कृष्ण की मधुर प्रेम लीलाओं द्वारा इसी प्रेम का प्रकाशन होता है। इन मधुर लीलाओं में यद्यपि लौकिक काम विलास की सभी चेष्टाएं विद्यमान रहती हैं, तथापि वे लौकिक काम विकार शून्य, अत्यन्त पावनContinue Reading

डा. सूर्यपाल सिंह के सम्मान में कवि गोष्ठी का आयोजन विशेष संवाददातागोण्डा। साहित्यिक संस्था ‘काव्य कुंज’ की मासिक बैठक संस्थाध्यक्ष अवधेश सिंह के निवास पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए नामित जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर सूर्यपाल सिंह के सम्मान एवं अध्यक्षता में संपन्न हुई।Continue Reading

अव्वल तो दिल में कीजिए पूजन गनेश जी स्तुति भी फिर बखानिए धन-धन गनेश जी भक्तों को अपने देते हैं दर्शन गनेश जी वरदान बख्शते हैं जो देवन गनेश जी हर आन ध्यान कीजिए सुमिरन गनेश जी देवेंगे रिद्धि सिद्धि औ अन-धन गनेश जी माथे पै अर्ध चन्द्र की शोभा,Continue Reading

वियतनाम से लेकर इंडोनेशिया तक फैली है रामकथा: कामिल बुल्के नेशनल डेस्कनई दिल्ली। देशज भाषाओं के महत्व को स्थापित करने के लिए कृतसंकल्प फाॅदर कामिल बु्ल्के की आज 110 वी जयंती मनाई जा रही है। कामिल बुल्के बेल्जियम के रहने वाले थे लेकिन भारतीय भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के साधकContinue Reading

रामपुर मे हो रही सगीतमयी रामकथा गोन्डा। मोतीगज क्षेत्र के रामपुर गांव मे आयोजित सरस सगीतमयी राम कथा दूर दराज के चलकर महिला पुरुष शामिल हुए । अवसर राम जन्मोत्सव का था। जिस अवसर खूब अबीर गुलाल उड़े। श्रोतागण इस मौके पर झूम कर ठुमका भी लगाए।रामपुर गांव मे आयोजितContinue Reading

आज ही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी जानकी शरण द्विवेदी देश को आजादी दिलाने में जिन वीर सपूतों ने हँसते-हँसते अपने प्राणों की कुर्बानी दी, सरदार भगत सिंह उनमें से एक थे। भगत सिंह ऐसे क्रांतिकारी थे, जो महात्मा गाँधी की विचारधारा के एकदम उलट यह मानते थेContinue Reading

राम जियावन शुक्ल ‘यदुराय’ गोण्डा। रास-रंग और हास विलास के उल्लास के पावन पर्व होली के उपलक्ष्य में रविवार को उमरी बेगमगंज क्षेत्र के बरौली में सरस विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। वरिष्ठ कवि हीरा सिंह ‘मधुर’ की अध्यक्षता व रवीन्द्र पाण्डेय ‘रवि’ के संचालन में आयोजित कविContinue Reading

डिजिटल डेस्क पश्चिमी मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति के लिये मशहूर भगोरिया मेलों को आदिवासी युवक-युवतियों के “प्रेम पर्व” के रूप में लम्बे समय से प्रचारित किया जाता रहा है। लेकिन आधुनिकता के प्रभावों से भगोरिया का स्वरूप साल-दर-साल बदलने के बीच नयी पीढ़ी के जनजातीय युवा अब इन पारम्परिक मेलोंContinue Reading

जानकी शरण द्विवेदी/विशेष संवाददाता गोण्डा। संस्कृत में गजल लेखन करने वाले जिले के पहले विद्वान व आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्द्यालय बभनान में संस्कृत विभागाध्यक्ष डा. महराज दीन पाण्डेय की काव्य रचना ‘मध्ये यक्षमेघयोः’ को उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लख़नऊ द्वारा 2017 के कालिदास पुरस्कार के लिए नामित कियाContinue Reading