संविधान में संशोधन का सवाल

(डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के जन्म दिन पर विशेष) राज खन्ना क्या साधारण बहुमत से संविधान में संशोधन की व्यवस्था की जानी चाहिए? नवम्बर 1948 में प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉक्टर … Read More

आपदा में अवसर नहीं, प्रबंधन!

शंभूनाथ शुक्ल अनिल अम्बानी के बेटे अनमोल अंबानी ने ट्वीट किया है, कि सरकार की लॉक डाउन पॉलिसी से छोटे उद्योग ख़त्म हो रहे हैं। इसका लाभ बड़े उद्योगपतियों को … Read More

जब राजीव गांधी ने अमेठी में करवाई बूथ कैप्चरिंग और पत्रकारों को पिटवाया

दयानंद पाण्डेय कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी संसदीय क्षेत्र की भी अजब कहानी है। 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तब के युवराज संजय गांधी ने जब चुनाव लड़ने … Read More

जलवायु परिवर्तन से लुप्त हो सकते हैं कस्तूरी हिरण और हिम तेंदुए

फीचर डेस्क यदि ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन इसी रफ्तार से जारी रहा तो प्रकृति के कई अजूबे भी लुप्त हो सकते हैं। इनमें दुर्लभ वनस्पतियां एवं जानवर शामिल हैं। बायोलॉजिकल … Read More

भारत का नेट-ज़ीरो होना संभव, लेकिन जटिल भी!

निशांत जिस जलवायु परिर्वतन को अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, उसे जो बिडेन के नेतृत्व में अमेरिका की ओर से दुनिया … Read More

वर्तमान पर चीत्कार कर रहा है आजमगढ़

अम्बरीष राय आजमगढ़ विद्रोह की ज़मीन है तो महबूब का आंगन भी. यहां की फ़िज़ाओं में कैफ़ी आज़मी के इश्क़ की खुश्बू बिखरी हुई है तो श्याम नारायण पांडेय की … Read More

क्या उत्तराखंड की बढ़ती गर्मी बनी वहां जंगलों में लगी आग का सबब?

निशांत जंगलों में लगने वाली आग अब तक हमें अमेरिका और ब्राज़ील की याद दिलाती हैं। लेकिन अब, आग लगने की ख़बर हमारे अपने उत्तराखण्ड के जंगलों से फ़िलहाल आ … Read More

भाजपा क्यों बनी?

(स्थापना दिवस 6 अप्रैल पर विशेष) राज खन्ना जनसंघ घटक से जुड़े लोग जनता पार्टी से क्यों अलग हुए और भाजपा क्यों बनी? लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी आत्मकथा में इसकी … Read More

भूमध्यरेखा पर ग्लोबल वार्मिंग से समुद्री जीवन हुआ अस्त-व्यस्त

निशांत एक नए अध्ययन से पहली बार यह पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के चलते समुद्री जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। यहाँ तक की भूमध्यरेखा और ट्रॉपिक्स पर … Read More

राजनीति के अपराधीकरण पर वार करने का सही समय

दिनेश पाठक आखि़रकार मुख़्तार अंसारी का उत्तर प्रदेश आगमन हो गया। यह शातिर जल्दी ही अपने गृह राज्य की जेल में होगा। पर, मुख़्तार और उस जैसे आपराधिक प्रवृत्ति के … Read More

जानें गालियों का इतिहास

हेमंत शर्मा ‘चूतिया’ शब्द से पिण्ड नहीं छूट रहा है। कल से सोशल मीडिया की दीवारों से लेकर चाय-पान की गुमटियों तक बस इसी ’चूतियापे’ की चर्चा है। किसने किसको … Read More

एक निखलिस समाजवादी का जाना

के. विक्रम राव लोहियावाद के स्तम्भ बाबू भगवती सिंह का (4 अप्रैल 2021) लखनऊ में निधन हो गया। निखालिस समाजवादी थे। मृत्यु पर भी परहित ही किया। देहदान कर दिया … Read More

गलत मौके पर सही कार्रवाई ?

(लेखक-डॉ. वेदप्रताप वैदिक)चुनावों के दौरान सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों के बीच भयंकर कटुता का माहौल तो अक्सर हो ही जाता है लेकिन इधर पिछले कुछ वर्षों में हमारी राजनीति का … Read More

फ़िलहाल भारत का नेट ज़ीरो होने का इरादा नहीं

निशांत तमाम कयासों को शांत करते हुए भारत के ऊर्जा एवं रिन्यूएबिल एनर्जी मंत्री राज कुमार सिंह ने न सिर्फ साफ़ कर दिया है कि भारत फ़िलहाल नेट ज़ीरो एमिशन … Read More

जलवायु परिवर्तन पर केन्द्रीय बैंकों की कथनी और करनी में फ़र्क

निशांत जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर लम्बे-लम्बे भाषण देने वाले दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष वित्तीय और मौद्रिक इकाइयों के जिम्मेदार लोग अपनी ही कही बात पर अमल … Read More

विचार : पॉलिथीन से बायो डीजल बनायें-पर्यावरण बचायें

आर.एन. गुप्ता देश के गांव-गलियों और शहरों में पॉलिथीन कचरे से नालियां, नाले और नदियां अवरुद्व हो रही हैं। इतना ही नहीं, ताजा अध्ययन बता रहे हैं कि जब से … Read More

खूबसूरत भी संत्रास भी!

वीरेंद्र सेंगर आजकल मैं नौकुचिया ताल में हूं। यह खूबसूरत जगह नैनीताल से महज बीस किमी दूर है। यहां नौ कोनों वाली झील है। इसी से इसका नामकरण नौकुचिया ताल … Read More

विचार : ईरान में चीन की चुनौती

डॉ. वेदप्रताप वैदिकईरान के साथ चीन ने इतना बड़ा सौदा कर लिया है, जिसकी भारत कल्पना नहीं कर सकता। 400 बिलियन डाॅलर चीन खर्च करेगा, ईरान में ! काहे के … Read More

बंधनों को खोलने का ‘सेफ्टी वॉल्व’ है होली

हेमंत शर्मा होली, बनारस, शिव, मस्ती, भांग और ठण्डाई इन्हें अलगाया नहीं जा सकता। यह उतना ही सच है जितना ‘ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या।’ बनारस की होली के आगे सब … Read More

यदि आप लेखक होते तो पत्नी को क्या जवाब देते?

सरन घई प्रिय साहित्यकार मित्रों, पिछले लेख में हमने कवियों की कवि सम्मेलनों के माध्यम से कुछ भी न होने वाली कमाई का मुद्दा उठाया था। आइये, इस बार बात … Read More

महाभारत में द्रौपदी के चरित्र के साथ नहीं हुआ न्याय

हेमंत शर्मा पूरे महाभारत में द्रौपदी सवाल करती है। पुरुषवादी व्यवस्था को चुनौती देती है। जब पाँचों पति द्रौपदी को जुए में हार गए तो तिलमिलाई द्रौपदी ने भरी सभा … Read More

जब द्रोपदी ने सत्यभामा को बताया पति के दिल पर राज करने का रहस्य!

हेमंत शर्मा इतिहास ने द्रौपदी के साथ न्याय नहीं किया। उसे अंहकारी, झगड़ालू और बदले की आग में धधकती स्त्री के तौर पर चित्रित किया गया। द्रौपदी का दूसरा नाम … Read More

पत्रकार बना प्रधान न्यायाधीश!

के. विक्रम राव छात्र नेता और श्रमजीवी पत्रकार रहा एक किसान का बेटा चौंसठ वर्षीय नूतलपाटि वेंकट रमण भारत का 48वां प्रधान न्यायाधीश नामित हो गया है। अगले माह (24 … Read More

लोग मेरी बात सुनेंगे, शायद मरने के बाद!

राज खन्ना डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अपना जन्मदिन नही मनाते थे। उनके जन्म दिन 23 मार्च की तारीख़ अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत की तारीख है। … Read More

राजनीतिक दल भी सितारों की चमक के दीवाने

डॉ. प्रभात ओझा यह तो अमिताभ बच्चन ही बता सकते हैं कि हेमवती नंदन बहुगुणा जैसी हस्ती को पराजित करने के बावजूद उन्हें राजनीति रास क्यों नहीं आयी। इंदिरा गांधी … Read More

कोयला खदानों का मीथेन एमिशन जलवायु के लिए बड़ा ख़तरा

निशांत क्या आपको पता है दुनिया भर में प्रस्तावित कोयले की खादानों से होने वाला मीथेन एमिशन अमेरिका के सभी कोयला बिजली घरों से होने वाले कार्बन डाईऑक्साइड एमिशन की … Read More

कारोबार पर जलवायु परिवर्तन का असर साफ़ ज़ाहिर

निशांत भारत का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला राज्य महाराष्ट्र भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक केंद्रों में से एक है। इस राज्य ने देश के सामाजिक और राजनीतिक … Read More

जीवाश्म ईंधन पर प्रतिबन्ध लगाने वाले शहरों की संख्या में इज़ाफ़ा

निशांत दुनिया की आधी से ज़्यादा आबादी ऐसे शहरों में रहती है, जहाँ दुनिया की तीन चौथाई बिजली की खपत होती है। इसी वजह से, लगातार दूसरे साल, रेन 21 … Read More

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