Tuesday, March 31, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलबलरामपुरबलरामपुर :कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही हैं आंगनवाड़ी कार्यकत्री

बलरामपुर :कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही हैं आंगनवाड़ी कार्यकत्री

रोहित गुप्ता

उतरौला/बलरामपुर
विकास खण्ड उतरौला क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को आंगनवाड़ी कार्यकत्री वरदान साबित हो रही है। कार्यकत्री सर्वे कर कुपोषित बच्चों का इलाज कराकर उन्हें नया जीवन दे रही है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के इस प्रयास की क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है।
शासन ने कुपोषित बच्चों के सर्वे कर उनका इलाज कराने की जिम्मेदारी बाल विकास परियोजना विभाग को सौंपी। इस पर विकास खण्ड उतरौला क्षेत्र के बाल विकास परियोजना विभाग के आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने क्षेत्र के लगभग एक दर्जन कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया। कार्यकत्री महजबी बेगम ने सर्वे में ढाई माह के चुन्नू लाल पुत्र फागू लाल निवासी पिपरा राम कुपोषित होने पर उसे संयुक्त चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र पर विभाग के प्रयास से भर्ती कराया। उसकी काफी गम्भीर हालत होने पर उसे बलरामपुर से रिफर कर दिया गया।

इस पर उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती कराया गया। वहां पर दो दिन तक डाक्टर असद अली व डाक्टर अरविंद कुमार की देखरेख में इलाज हुआ। उसके मां बाप बहुत ही गरीब होने पर सारे ख़र्च को कार्यकत्री ने स्वंय वहन कर इलाज कराकर बच्चे को उसके मां बाप को सौंप दिया। आज बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। बच्चे के स्वास्थ्य होने पर उसका परिवार व गांव के लोग कार्यकत्री की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकत्री सलमा बेगम के सर्वे से चिन्हित कुपोषित बच्चे रूद्र आयु पांच माह पुत्र वेद प्रकाश व मोहित आयु दस माह पुत्र राज कुमार निवासी मिलौली बाघाजोत व संजीत कुमार आयु चार माह पुत्र हरीश चंद्र निवासी ग्राम हरिकिशना को 20 मई को स्थानीय अस्पताल से रिफर किए जाने पर तीनों बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके इलाज के बाद तीनों बच्चे स्वस्थ हैं। कार्यकत्री नीलम के सर्वे में चिन्हित निधि आयु डेढ़ माह निवासी सिकरामाफी को दो माह पहले पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उसका इलाज कराया गया। ग्राम वरायल निवासी इकरा आयु दो माह पुत्र जलालुद्दीन का कार्यकत्री चन्द्रमती के सर्वे में कुपोषित पाए जाने पर उसको तीन मई को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।

इस तरह कुपोषित बच्चों के कुपोषण मुक्त होने पर विभाग की प्रशसा की जा रही है। बाल विकास परियोजना अधिकारी उतरौला सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र पर आरवीएस टीम की जांच के बाद कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनका इलाज विभाग की ओर से कराया जाता है। कुपोषित बच्चों के इलाज पर उनके स्वास्थ्य होने से आंगनवाड़ी कार्यकत्री गांवों में बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि महिपाल चौधरी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के सर्वे कर उनको चिन्हित कर इलाज कराएं जाने से गांवों में विभाग के कार्यों की काफी प्रशंसा हो रही है। इससे कुपोषित बच्चों के संख्या में काफी गिरावट आई है और बच्चे कुपोषण से मुक्ति पा रहे हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular