Wednesday, January 14, 2026
Homeजानकारीक्यों प्रसिद्ध है मैग्लोनिया सन सेट पॉइंट

क्यों प्रसिद्ध है मैग्लोनिया सन सेट पॉइंट

शंभूनाथ शुक्ल

एक राजकुमारी थी। ख़ूब लाड़-प्यार से पली और नख़रीली। उसके पिता अंग्रेज थे। भारत आए और लाट बन गए। उनका बड़ा रौब था। बड़े-बड़े राजा-महाराजा हाथ बांधे खड़े रहते। आख़रि वे भारत-साम्राज्ञी के प्रतिनिधि थे। ज़ाहिर है, उनकी बेटी को भी ढेर सारा लाड़ मिला। यह लड़की दक्षिण बिहार के छोटा नागपुर इलाक़े के पहाड़ों पर बसे एक शांत स्थल नेतरहाट में रहती थी। उसके पिता पटना में। वे जब राज-काज से फ़ुरसत पाते तब ही आते। या फिर गर्मियों में जब बिहार की राजधानी नेतरहाट शिफ़्ट हो जाती। राजकुमारी को पटना की गर्मी और भीड़भाड़ पसंद नहीं थी। इसलिए अंग्रेज लाट अपनी इस गुड़िया को नेतरहाट के शैले हाउस में रखते। उसकी टहल के लिए नौकरों की फ़ौज थी। रोज़ शाम जब सूरज डूबने लगता तो एक लड़का बाँसुरी बजाते हुए अपने पशुओं को लेकर लौट रहा होता। उसकी बाँसुरी के धुन में इतनी पीड़ा थी, कि राजकुमारी उसे सुनते ही व्याकुल हो जाती और अपनी बालकिनी से लड़के को तब तक देखती रहती, जब तक वह आँखों से ओझल न हो जाता। राजकुमारी एक दिन उस चरवाहे से मिलने गई और फिर रोज़ जाने लगी। लोगों को पता चला और उसके पिता लाट तक बात पहुँची। गोरी और पढ़ी-लिखी तथा सोने से तुली राजकुमारी और उधर काला, अनपढ़ गँवार चरवाहा! यह मेल कैसे होता? चरवाहे को पकड़ कर सूली पर चढ़ा दिया गया।
राजकुमारी उसके विरह में व्याकुल हो उठी। दिन-रात उसे कानों में बाँसुरी की आवाज़ सुनाई पड़ती तथा लड़के की भोली सूरत आँखों के सामने। एक दिन, दो दिन, एक सप्ताह, दो सप्ताह बीत गए, लड़का नहीं आया। धीरे-धीरे नौकरों से उसे लड़के को सूली पर चढ़ा दिए जाने की बात पता चल गई। वह शोक में डूब गई और उसे इतना सदमा पहुँचा, कि एक शाम, सूरज डूबने से थोड़ा पहले वह अपने प्रिय घोड़े पर सवार होकर शैले हाउस से निकली। कुछ ही देर बाद वह उस जगह पहुँच जहाँ से सूरज पहाड़ियों के बीच गुम हो जाता था। एक क्षण को वह रुकी, फिर घोड़े को ऐड़ लगाई और अगले ही पल वह हज़ारों फुट नीचे खाई में गिरि जा कर। न घोड़े का पता चला न उस राजकुमारी का। उसका पिता अपनी इकलौती पुत्री को खोकर पागल हो गया और लाट साहबी छोड़ कर ब्रिटेन लौट गया। साल दर साल गुजर गए। अंग्रेजों ने बहुत दबाया इस क़िस्से को। लेकिन लोग नहीं भूले और आज भी नेतरहाट के उस सन-सेट पॉइंट पर जाते हैं। राजकुमारी की याद में आंसू बहाते हैं और लौट आते हैं। उस राजकुमारी, चरवाहे और घोड़े की प्रतिमाएँ यहाँ लगी हैं। इसे मैग्लोनिया सन-सेट पॉइंट बोलते हैं। यह कहानी कितनी सच है, कितनी झूठ। इसका कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन हज़ारों लोग यहाँ शाम को जुटते हैं। लातेहार के युवा और ऊर्जावान उपायुक्त श्री अबु इमरान ने इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर दिया है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

क्यों प्रसिद्ध है मैग्लोनिया सन सेट पॉइंट

हमारी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए www.hindustandailynews.com पर क्लिक करें।

आवश्यकता है संवाददाताओं की

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com को गोण्डा जिले के सभी विकास खण्डों व समाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों तथा देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती तथा लखनऊ मण्डलों के अन्तर्गत आने वाले जनपद मुख्यालयों पर युवा व उत्साही संवाददाताओं की आवश्यकता है। मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर हिन्दी टाइपिंग का ज्ञान होना आवश्यक है। इच्छुक युवक युवतियां अपना बायोडाटा निम्न पते पर भेजें : jsdwivedi68@gmail.com
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
मोबाइल – 9452137310

कलमकारों से ..

तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे :
जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
E-Mail : jsdwivedi68@gmail.com

RELATED ARTICLES

Most Popular