बेरोजगार हुए शिक्षकों ने शिक्षक दिवस पर ताली और थाली बजा किया विरोध


– नौकरी की आस लगाये प्रतियोगी छात्रों ने भी बजायी ताली और थाली

कानपुर। कोरोना को दूर भगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ताली और थाली बजाने की गयी अपील को अब बेरोजगार विरोध का जरिया बना रहे हैं। सोशल मीडिया में कई दिनों से बेरोजगार इस मुहिम को चला रहे हैं और शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच बजकर पांच मिनट पर बेरोजगार हुए शिक्षकों ने ताली और थाली बजाकर विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही शहरभर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों ने भी इस विरोध में बढ़-चढ़कर भाग लिये। 

देश भर में फैले कोरोना संक्रमण के चलते जहाँ एक तरफ जीडीपी में तेजी से गिरावट आई है तो वहीं बड़ी संख्या में नौजवान बेरोजगारी से भी जूझ रहे है। इसके साथ ही इस कोरोना काल में निजी विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की भी नौकरी चली गयी। बेरोजगारों ने बीते कई दिनों से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया में शिक्षक दिवस पर पांच बजकर पांच मिनट में ताली और थाली बजाने का विरोध ट्रेंड करा रहे थे। इसी के चलते शनिवार को पांच बजकर पांच मिनट पर बेरोजगारी के चलते गोविन्द नगर में शिक्षक दिवस के मौके पर ताली और थाली बजा कर अपना विरोध दर्ज कराया गया। विरोध कर रहे दर्जनों शिक्षकों का कहना था कि कोरोना काल में निजी स्कूल अभिभावकों से फीस तो ले रहे हैं पर शिक्षकों को वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे बेरोजगार शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आवाहन पर देश भर में लोगो ने थाली और ताली बजाई थी। मगर अब शिक्षक अपने रोजगार के लिए थाली और ताली बजा रहे है। इसी तरह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने शहर के अलग-अलग मोहल्लों में नौकरी की मांग को लेकर ताली और थाली बजा सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किये।

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