UP News : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से मिली एक साल में 116 बच्चों को नई जिंदगी

लखीमपुर-खीरी (हि.स.)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात दोषों से ग्रस्त बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। कोरोना काल में भी करीब 116 ऐसे बच्चों का इलाज योजना के अंतर्गत कराया गया है। यह सभी बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और आरबीएस के टीम की देखरेख में है। 

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरपी दीक्षित ने बताया कि जनपद के समस्त विकास खंडों में तैनात आरबीएसके टीमों द्वारा लगातार ऐसे बच्चों की खोज की जा रही है जो जन्मजात दोषों से ग्रस्त हैं, इनमें पिछले एक साल में करीब 116 बच्चों का ऑपरेशन कराया गया है, इनमें क्लब लिफ्ट पैलेट (कटे तालु या होंठ) के 21 बच्चों का ऑपरेशन स्माइल ट्रेन लखनऊ से कराया गया है। वहीं सीएचडी (दिल में छेद) का एक ऑपरेशन अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। क्लब फुट (मुड़ा पैर) के 22 बच्चों के ऑपरेशन कराए गए हैं। 
कंजेनाइटल कॉन्ट्रैक्ट के 10 ऑपरेशन सीतापुर आई हॉस्पिटल में कराए गए हैं। एक न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का ऑपरेशन सैफई मेडिकल कॉलेज में कराया गया है साथ ही 61 अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया है। ऐसे कई अन्य बच्चों का इलाज योजना के अंतर्गत अभी भी चल रहा है। वहीं डीईआईसी मैनेजर अमित खरे द्वारा बताया गया कि कोरोना काल में भारत सरकार की इस योजना के अंतर्गत जिन बच्चों को फायदा मिला है उन सभी से लगातार क्षेत्र में तैनात आरबीएस के टीम सम्पर्क में है। 
डॉ. दीक्षित ने बताया कि इन सभी को लगातार ऑब्जर्व किया जा रहा है। समय-समय पर दवाइयां दी जा रही हैं। टीम को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी बच्चे की दवाई किसी भी दशा में छूटे नहीं। अन्य ऐसे बच्चे जिन्हें जन्म से समस्याएं हैं, उन्हें तत्काल चिह्नित कर कार्यक्रम द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत इलाज मुहैया कराने के लिए स्कूलों के भ्रमण जारी रखे जाएं। 

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