UP News : पांचवी तक पढ़ी संतोष दीक्षित ने चार बेटों को बनाया संस्कृत का प्रकांड पंडित, वेदों का ज्ञाता

-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पुत्रों ने रामेश्वर मठ में मां के पांव पखार लिया आर्शीवाद
वाराणसी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को मेधावी और अभाव भरे जीवन में दृढ आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम से अपने बच्चों को सफल मुकाम पर पहुंचाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। पांचवी तक पढ़ी संतोष दीक्षित ने अभाव भरे जीवन में पढ़ाई-लिखाई के महत्व को समझ अपने चारों बेटों को संस्कृत और भारतीय संस्कृति को पढ़ने लिखने में भरपूर सहयोग दिया। चारों पुत्र अब संस्कृत के प्रकांड विद्यान है। 
चारों पुत्रों में वरूणेश चन्द्र दीक्षित अस्सी स्थित रामेश्वर मठ में प्रबंधक है। प्रेमचन्द्र दीक्षित, पूर्णेन्दु दीक्षित अध्यापक है। चौथे पुत्र स्वामी लखन स्वरूप ब्रम्हचारी ने गृहस्थ जीवन से संयास लेकर भारतीय संस्कृति, धर्म के प्रति अलख जगा रहे है। 
विश्व महिला दिवस पर अस्सी स्थित रामेश्वर मठ में चारों पुत्रों ने वेद मंत्रों के बीच मातृ पूजन किया। इसके बाद अपनी मां श्रीमती संतोष दीक्षित का पांव पखारा व उनके चरणों में फूल माला अर्पित कर उनसे आशीवार्द लिया। संतोष दीक्षित को भी रामचरित मानस व गीता के बहुत से श्लोक कंठस्थ है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में बताये गये कर्म करने के मंत्र को गांठ बांधकर काफी संघर्ष से अपने चारो बेटों को वेद, उपनिषद की शिक्षा दिलाई। आज चारों बेटे भारतीय संस्कृति का ध्वज पताका फहरा रहे हैं।
नागेपुर में बालिकाओं ने कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह के खिलाफ निकाली रैली

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आशा ट्रस्ट और लोक समिति के तत्वावधान में प्रधानमंत्री आदर्श गांव नागेपुर में लड़कियों ने बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या तथा लिंग भेद के खिलाफ जन जागरूकता रैली निकाली। रैली में गांव की लड़कियां और आशा सामाजिक स्कूल की बच्चियों ने भाग लिया। रैली में शामिल लड़कियों ने तख्ती बैनर के साथ नहीं किसी का हो अपमान लड़का लड़की एक समान, बाबा हमको पढ़ने दो पढ़कर आगे बढ़ने दो, कन्या भ्रूण हत्या बन्द करो, बाल विवाह पर रोक लगाओ, हमको दुनिया में आने दो अपना मान बढ़ाने दो, बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ के नारे लगाकर बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा की मांग की। कार्यक्रम में लड़कियों ने लड़का-लड़की असमानता और लैंगिक असमानता यौन उत्पीड़न, दहेज, नशा, बाल विवाह आदि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खुलकर अपने विचार रखें। बेटियों ने प्रधानमंत्री से नागेपुर गांव में लड़कियों के लिये इण्टर कॉलेज और स्वास्थ केंद्र खोलने की मांग की। 
गांव की खुशबू पटेल ने कहा कि गांव में सिर्फ प्राइमरी स्कूल है और उसके आगे की पढाई के लिये 3 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना होता है। जिसकी वजह से बहुत सारी लड़कियां आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती हैं और उनकी कम उम्र में शादी भी कर दी जाती है। मुस्कान ने कहा कि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और खेलकूद का मैदान भी नहीं है।

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