संवाददाता
श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (प्रवर खण्ड) के प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह ने बताया है कि उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष साकेत बिहारी ‘दीपक’ की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में संविधान की प्रस्तावना का पाठन तथा भारतीय संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों के सम्बन्ध में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, उपस्थित पुलिस बल तथा नागरिकों को शपथ दिलायी गयी। तद्ोपरांत गोष्ठी आयोजित की गयी जिसमें न्यायिक अधिकारीण एवं कर्मचारीगण ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष साकेत बिहारी ‘दीपक’ ने समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं समस्त कर्मचारियों को संकल्प दिलाया कि वे शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान संवैधानिक मर्यादा का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करेंगे। देश सम्प्रभुता, अखण्डता की रक्षा करेंगे तथा महिलाओं का सम्मान करेंगे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और ज्ञानर्जन तथा सुधार की भावना का विकास करेंगे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह ने कहा कि आज के ही दिन भारतीय संविधान के कतिपय उपबंधों को लागू किया गया तथा शेष उपबंधों को 26 जनवरी 1950 को प्रभावी किया गया जो कि भारतीय संविधान भारत की सर्वोच्च विधि है। भारत में अधिनियमित अन्य समस्त विधियां भारतीय संविधान के प्रावधानों के अधीन होती हैं और आज हम इस तिथि को विधि दिवस के रूप में जानते हैं।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (कुटुम्ब न्यायालय) कृपा शंकर शर्मा, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष श्याम लाल कोरी, अपर जनपद न्यायाधीश (प्रथम) राकेश कुमार सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद, सिविल जज (अवर खण्ड) प्रभात सिंह, जुडिशयल मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल उपाध्याय, अपर सिविल जज (प्रवर खण्ड) शुभम ़द्विवेदी, सिविल जज (अवर खण्ड)/एफटीसी असगर अली आदि ने भी अपने विचार प्रकट किये। उक्त अवसर पर नरेंन्द्र विक्रम सिंह, राकेश कुमार चौहान आदि कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ लिपिक राम चरित्र मिश्र ने किया। कार्यक्रम में कोविड-19 में भारत सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश का पालन किया गया।
