Tuesday, March 31, 2026
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Lucknow News : अटल जी के जन्मदिन पर नगर निगम ने शुरू किया “नेकी की दीवार”

सामान पाकर जरूरतमंदों के खिले चेहरे

लखनऊ (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर लखनऊ नगर निगम ने “नेकी की दीवार” का शुभारंभ किया। यहां किसी के पास जो भी सामान अधिक होगा, वह लाकर रख देगा। जरूरतमंद यहां से उठाकर ले जाएंगे। आलमबाग के श्रृंगार नगर चौराहा पर निरंकारी आश्रम के पास बने नेकी की दीवार का उद्घाटन  महापौर संयुक्ता भाटिया ने किया। इस अवसर पर जरूरत का सामान पाकर जरूरत मंदों के चेहरे खिल उठे।
इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि पार्षदों से भी अपने क्षेत्र में नेकी की दीवार खोले जाने की अपील की। लखनऊवासियों से अपील करती हूं कि अगर आपके घर में पुराने पहनने, ओढ़ने, बिछाने के साफ कपड़े, किताबें, खिलौना,बर्तन,क्रॉकरी, फर्नीचर आदि जो भी है,जिसका आप प्रयोग नहीं कर रहे हैं और वह नगर के जरूरतमंदों के काम आ जाए। तो आप उक्त सामान को ‘नेकी की दीवार’ में दे दीजिए।
उन्होंने बताया कि इस नेकी की दीवार को हम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित कर रहे है। यहां से जरूरतमंद और गरीब आकर खुद इन्हें निशुल्क ले जाएंगे। बर्तन आदि अन्य सामान रखने के लिए रैक बनाई गई है। यहां जरूरतमंद आकर अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी चीज निशुल्क ले जा सकता है। नेकी की यह दीवार उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अपने स्वाभिमान के कारण किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते। जरूरतमंद लोग यहां आकर अपनी जरूरत के हिसाब से चीजें ले सकते हैं। यह नेकी की दीवार है, लेकिन ये दीवार बांटने के लिए नहीं बल्कि समाज को जोडऩे के लिए खड़ी है। आपकी द्वारा दी गई ये चीजें किसी गरीब की जरूरतों को पूरा कर उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकती हैं, जिससे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को इस ठंड के मौके पर जरूरत के समान उपलब्ध हो सकेंगे।
महापौर संयुक्ता भाटिया  द्वारा नेकी की दीवार के शुभारंभ के साथ ही पहला समान के दान के रूप में महापौर ने नेकी की दीवार पर कपड़े जरूरतमंदों के लिए रखे। इस बाद स्थानीय लोगों द्वारा इस पुण्य कार्य मे सहयोग प्रदान किया गया। देखते ही देखते पूरी नेकी की दीवार समान से भर गई।  लोगों के जाने के पश्चात गरीबो और जरूरतमंदों द्वारा अपने जरूरत का सामान लेते हुए चहरे खिल गए, किसी ने जूता पहना तो किसी ने कोट, कोई शर्ट, स्वेटर पाकर खुश हुआ तो कोई जीन्स, समान पाने के बाद सबके चेहरे खुशी से चहक उठे।

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