Wednesday, January 14, 2026
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Gonda News : घटने लगी घाघरा नदी तो तेज हुई कटान

संवाददाता

गोण्डा। घाघरा नदी में जल स्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। तरबगंज तहसील के अंतर्गत भिखारीपुर-सकरौर तटबंध को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी से कटते-कटते बचाया जा सका। क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यो के लिए 130 नावें संचालित हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 99 सेमी ऊपर बह रही है। इससे पूर्व रविवार को यह 108 सेमी तक बढ़ चुकी थी। कल दोपहर बाद नदी मे ंपानी कम होने के बाद कटान तेज हो गई। इस बीच देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने का कार्यक्रम भी आ गया। इसके बाद प्रशासनिक हल्के में हड़कम्प मच गया। जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल, अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, तरबगंज के एसडीएम राजेश कुमार समेत बाढ़ कार्य खण्ड के सभी अभियंता आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए और तटबंध को बचाने में जुट गए। आसपास के गांवों से भी बड़े संख्या में श्रमिकों को बुलाकर तटबंध के मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कराया गया। परिणाम स्वरूप तटबंध को कटने से बचा लिया गया। जिलाधिकारी ने सोमवार को बताया कि नेपाल से चार लाख 12 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद रविवार को जल स्तर खतरे के निशान से 108 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। किन्तु नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद भिखारीपुर सकरौर तटबंध के किलोमीटर 17-18 के बीच कटान तेज हो गई है। करीब 7-8 घण्टे के अथक परिश्रम के बाद तटबंध को कटने से बचा लिया गया।
इस बीच तरबगंज तहसील के ऐली परसौली, गढ़ी, जबर नगर, परास सहित आधा दर्जन गांवों के कई मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गांव के सुरजीत सिंह ने बताया कि देशराज यादव का प्रधानमंत्री आवास, विन्ध्याचल यादव, लैलू निषाद, कुटकुर, लालदेव, मंगल का घर नदी में समा गया। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। विस्थापितों को चिन्हित किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 20 नावें लगाई गई हैं। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए हैं। उनके घरों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। कर्नलगंज तहसील में एल्गिन-चरसड़ी तटबंध से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। नकहरा गांव के नौ मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों के पास रहने, खाने के साथ ही पशुओं के लिए चारे की समस्या है। ग्राम पंचायत हीरापुर कमियार, माझा रायपुर, परसावल, नैपुरा को भी बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। एसडीएम ज्ञानचंद गुप्त ने बताया कि ग्रामीणों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि दोनों तहसीलों में 130 नावें संचालित हो रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस बीच सोमवार को पूर्वान्ह में प्रस्तावित मुख्यमंत्री का बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरान स्थगित हो जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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