Gonda News:राज्य कर्मचारी का दर्जा मांग रहे प्राथमिक शिक्षक, CM को भेजा मांग पत्र

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कहा, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा व 20 लाख सामूहिक दुर्घटना बीमा मिले

जानकी शरण द्विवेदी

गोण्डा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ गोण्डा की जनपदीय इकाई द्वारा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को जिला संगठन मंत्री राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को संबोधित परिषदीय बेसिक शिक्षकों की लंबित मांगों और मौलिक समस्याओं को लेकर 10 सूत्रीय मांग पत्र देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों के वार्षिक गोपनीय आख्या के पैरामीटर्स निर्धारित करने वाले काला कानून-पत्र को वापस लेने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा एवं दुर्घटना के कारण असमायिक निधन पर 20 लाख का सामूहिक बीमा कवर देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आवाहन पर मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से संबंधित मौलिक समस्याओं को समय-समय पर विभागीय अधिकारियों के सम्मुख रखा गया है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर विचार-विमर्श के उपरांत भी समग्रता से अभी तक लागू नहीं किया गया है। मांगों के संबंध में जिला उपाध्यक्ष उदय भान वर्मा ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ के द्वारा 8 जनवरी 2021 को जारी पत्र में परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों के वार्षिक गोपनीय आख्या के पैरामीटर्स निर्धारित किये गये हैं, जिनका शिक्षकों से सीधा संबंध नही होने के बाद भी अंक निर्धारण करना शिक्षकों का शोषण होने के अलावा कुछ नहीं है। इस काला कानून पत्र को वापस किया जाये।

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ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को भी उत्तराखंड राज्य की भांति राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए दिया जाये। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान अध्यापक पदों पर पदोन्नति पूर्व में सृजित पदों के आधार पर यथाशीघ्र की जाये। साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर भी पदोन्नतियां नियमित रूप से की जाएं। ज्ञापन में मांग की गई है कि विगत कई वर्षों से जनपद के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया स्थगित है, इसलिए जनपद के अंदर शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया को शैक्षिक सत्र 2020- 21 से पूर्व संपन्न किया जाए। प्रत्येक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को रुपये दस लाख का स्वास्थ्य बीमा और विभिन्न घटनाओं के कारण आकस्मिक निधन की स्थिति में शिक्षकों को रुपए 20 लाख का सामूहिक बीमा कवर दिया जाए। शिक्षक की असामयिक मृत्यु की दशा में बेसिक शिक्षा विभाग में होने वाली अनुकंपा आधार पर नियुक्ति में शिक्षक पद की वांछित योग्यता ना होने की स्थिति में तृतीय श्रेणी कर्मचारी की योग्यता रखने वाले आश्रितों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से लिपिक पद पर किए जाने के संबंध में शासनादेश निर्गत किया जाए।

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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का अधिकार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी में निहित है बीएसए के असंवैधानिक कृत्यों का विरोध करने पर इसका खामियाजा शिक्षक प्रतिनिधियों या शिक्षकों को बर्खास्तगी के रूप में उठाना पड़ता है। इसलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की भांति बेसिक शिक्षा में भी शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने का अधिकार बीएसए से उच्च ए०डी० बेसिक अथवा अन्य किसी उच्चाधिकारी में निहित किया जाए। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति होने पर क्रमशः 17140 एवं 18150 का लाभ केंद्र से जारी नोटिफिकेशन 28 सितंबर 2018 के अनुक्रम में शासनादेश जारी किया जाए। विद्यालयों की सुरक्षा के लिए एक चौकीदार या विद्यालय सेवक सुरक्षा सेवक की नियुक्ति करने के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा 9 सितंबर 2019 को मांग की गई थी जो अभी तक लंबित है। अतः प्रत्येक विद्यालय में एक ही चौकीदार या विद्यालय सेवक या सुरक्षा सेवक की नियुक्ति की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखों शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ-साथ उनके करोड़ों आश्रितों की उपरोक्त समस्याओं एवं मांगों पर विचार करते हुए शासनादेश और विभागीय आदेश जारी करने के लिए आवश्यक कार्यवाही कराने का कष्ट करें। ज्ञापन में अन्तर्जन्पदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण किये जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही नव नियुक्त शिक्षकों को शीघ्र विद्यालय आवंटन किया जाये इस सम्बंध में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया।

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ज्ञापन देने वालों में इस अवसर पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष हंसराज वर्मा, उपाध्यक्ष उदयभान वर्मा, जिला मंत्री नवरत्न सिंह ,गुलाम नबी, जिला संयुक्त मंत्री अमितेन्द्र श्रीवास्तव, राजेंद्र शुक्ला, जिला सह मीडिया प्रभारी सत्यम श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष गण इटियाथोक डॉ. रामराज, पंडरी कृपाल ललित मिश्रा, मुजेहना सुशील पांडेय, तरबगंज सुनील पांडेय, रुपईडीह घनश्याम शुक्ल, बेलसर संतोष पांडेय, छपिया जगन्नाथ त्रिपाठी, नवाबगंज विवेक उपाध्याय, ब्लॉक संयोजक कटरा बाजार दीपक श्रीवास्तव, ब्लॉक मंत्री झंझरी अनुपम मिश्र, कोषाध्यक्ष निधि शर्मा, मंत्री रुपईडीह पंकज मिश्र, मंत्री इटियाथोक अभय प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी इटियाथोक दिलीप वर्मा, कोषाध्यक्ष इटियाथोक अशोक यादव, संगठन मंत्री इटियाथोक सत्य प्रकाश गौतम, इटियाथोक उपाध्यक्ष सुधाकर शुक्ल, दीपक नामदेव, वरुण कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष इटियाथोक नीरज शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मनोज शुक्ल, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, करुणेश सिंह, किरण तिवारी, अनिता देवी, सीमा, अलका गुप्ता, रीमा सिंह, ललिता जोशी, आरती, राजीव कुमार, विशाल, संजय श्रीवास्तव, अब्दुल हलीम, देवेन्द्रनाथ शुक्ल, मोनेश वर्मा, शिवप्रसाद, प्रेम चंद्र चौधरी सहित सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।

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