Gonda – गेट पर फेंक दिया बंदी का शव, परिवार को भी नहीं बताया

गोंडा। जेल और जिला अस्पताल प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता उजागर हुई है। सोमवार रात यहां जेल में निरूद बंदी की मौत के बाद उसका शव काफी देर तक लावारिस गेट पर पड़ा रहा। सूचना पर लोग पहुंचे तो आनन-फानन में अस्पताल कर्मियों ने शव को उठा कर मर्चरी के फर्श पर डाल दिया। इसे लेकर काफी देर तक जिला अस्पताल में परिजनों और संगठन के लोगों ने हंगामा भी किया।
मृतक के पुत्र अंकित पांडेय ने डीएम से जेल और अस्पताल प्रशासन के रवैये की शिकायत करते हुए सूचना न देने का भी आरोप लगाया है। सीएमओ डा राधेश्याम केसरी बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। जेल प्रशासन से भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। 
जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल को तरबगंज के घांचा बीकापुर में  मतदान में हुई हिंसा में निरुद्ध कैदी राजदत्त पांडेय पुत्र अम्बिका प्रसाद पांडेय  मृत्यु 10 मई को जेल में ही हो गई। जेल पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय को सुपुर्द तो कर दिया, जो कुछ देर तक हॉस्पिटल गेट पर पड़ा रहा।बाद में उस शव को मर्चरी के फर्श पर फेंक दिया गया।

बंदी के परिजनों को रात में 10 बजे जब सूचना मिली तब उन्होंने ब्राम्हण महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज कुमार पांडेय को सहायत के लिए संपर्क किया। पांडेय ने नगर कोतवाल और जिलाधिकारी को सूचित कर दिया। गंभीर बात यह है कि मृतक के परिजनों को न जेल पुलिस ने सूचित किया न जिला अस्पताल प्रशासन ने। इसे लेकर संदिग्ध स्थिति बनी हुई है। मृतक के पुत्र अंकित पांडेय ने बताया कि बीमारी आदि की भी कोई सूचना पहले नहीं दी गई। आरोप है कि दो बार मिलने गया लेकिन मुलाकात नहीं करने दी गई।

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