Tuesday, March 31, 2026
Homeराष्ट्रीय नौसेना ने पहली बार गाइडेड डिस्ट्रॉयर 'मोरमुगाओ' से दागी ब्रह्मोस मिसाइल

 नौसेना ने पहली बार गाइडेड डिस्ट्रॉयर ‘मोरमुगाओ’ से दागी ब्रह्मोस मिसाइल

– सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने ‘बुल्स आई’ को सफलतापूर्वक हिट किया

– भारत की आत्मनिर्भरता और समुद्र में नौसेना की मारक क्षमता बढ़ी

नई दिल्ली (हि.स.)। भारतीय नौसेना ने पहली बार गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस मोरमुगाओ से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की फायरिंग करके ‘बुल्स आई’ को सफलतापूर्वक हिट किया। स्वदेशी जहाज और शक्तिशाली ब्रह्मोस ने एक साथ प्रदर्शन करके समुद्र में भारत की आत्मनिर्भरता और भारतीय नौसेना की मारक क्षमता के एक और चमकदार प्रतीक को चिह्नित किया है।

नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि भारतीय नौसेना ने स्वदेशी बूस्टर के साथ ब्रह्मोस मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन का सफल परीक्षण किया है, जो भारत की आत्मनिर्भरता के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। बयान में आगे कहा गया है कि मिसाइल का परीक्षण गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर वारशिप आईएनएस मोरमुगाओ से किया गया है। मिसाइल में स्वदेशी सामग्री बढ़ाने पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस लगातार काम कर रहा है।

आईएनएस मोरमुगाओ की डिजाइन भारतीय नौसेना के स्वदेशी संगठन ने तैयार की है। इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई ने किया है। आधुनिक हथियारों से लैस परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध में सक्षम ‘मोरमुगाओ’ जहाज भारतीय नौसेना की नई ताकत है, जिसे ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस किया जाना है। इसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में पिछले साल 18 दिसंबर को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। यह प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाया गया स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक का दूसरा जहाज है।

इससे पहले भारतीय नौसेना ने 05 मार्च को आईएनएस कोलकाता से अरब सागर में स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का इसी जहाज से सफल परीक्षण किया था। उस समय भी इस मिसाइल ने सटीक निशाना लगाकर अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था। इसके बूस्टर को डीआरडीओ ने डिजाइन किया है। नौसेना ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन का पिछले साल अप्रैल में अंडमान निकोबार कमांड के साथ संयुक्त रूप से सफल परीक्षण कर चुकी है।

सुनीत/पवन

RELATED ARTICLES

Most Popular