Monday, March 30, 2026
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डफरिन के सुक्रोज वार्ड में प्रसूताओं की दूर होगी खून की कमी

– भर्ती महिलाओं को खून बढ़ाने के लिए लगाए जाएंगे इंजेक्शन और दी जाएंगी दवा

कानपुर (हि.स.)। जिला महिला अस्पताल डफरिन में आने वाली प्रसूताओं के लिए अच्छी खबर है। यहां पर अब प्रसूताओं को खून की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि अस्पताल में अब सुक्रोज वार्ड बनकर तैयार हो गया है। इस वार्ड में भर्ती प्रसूताओं को जरूरत के अनुसार खून चढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही दवा और इंजेक्शन भी दिये जाएंगे।

प्रसूताओं में खून की कमी को पूरा करने के लिए डफरिन अस्पताल में आयरन सुक्रोज वार्ड बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मां और शिशु की मृत्यु दर को कम करना है, क्योंकि खून की कमी के कारण कई गर्भवती महिलाओं की मौत हो जाती है। तब गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाना डॉक्टरों के लिए मुश्किल हो जाता है। इस वार्ड में फिलहाल चार से पांच बेड हैं। वार्ड में खून की कमी से परेशान महिलाओं को भर्ती किया जाएगा, उसके बाद आयरन व कैल्शियम की दवा दी जाएगी। साथ ही आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा। मरीज जिस दिन भर्ती होगी, उसके अगले दिन उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। इसके बाद मरीज को तीसरे दिन और सातवें दिन आकर दोबारा भर्ती होना पड़ेगा। साथ ही हीमोग्लोबिन समेत अन्य जांचें की जाएंगी।

दी जाएंगी दवाएं

चिकित्सालय प्रबंधक डॉ.दरक्शा परवीन ने बताया कि यहां पर चिकित्सक महिलाओं को पोषण युक्त भोजन का सेवन करने, मौसमी फल व हरी सब्जियां खाने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही बाजार में फास्ट फूड से परहेज करने की सलाह दी जाएगी। ताकि मरीज को किसी भी तरह परेशानी का सामना न करना पड़े। जिन गर्भवती महिलाओं में खून की ज्यादा कमी होती है, उन्हें नसों में आयरन की खुराक दी जाएगी। इससे खून की कमी जल्द पूरी होती है। आयरन सुक्रोज वार्ड में खून की कमी से पीड़ित महिलाओं के नसों में आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन देकर इलाज किया जाएगा।

सुक्रोज देने में आती है कुछ दिक्कतें

चिकित्सालय प्रबंधक डॉ.दरक्शा परवीन ने बताया कि नसों के माध्यम से आयरन सुक्रोज देने पर शुरुआत में कुछ महिलाओं को मिचली, उल्टी व हल्के बुखार की समस्या आ जाती है। इसलिए मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। गर्भवती में खून की कमी को दूर करने के लिए आयरन की टेबलेट भी दी जाएगी। महिलाओं के खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम से कम होने पर एनीमियाग्रस्त माना जाता है। अस्पताल में आने वाली कई महिलाओं के हीमोग्लोबिन की मात्रा पांच व छह ग्राम तक होती। ऐसी महिलाओं को सप्ताह में दो बार आयरन सुक्रोज नसों के द्वारा निर्धारित समय तक दिया जाएगा।

महमूद/सियाराम

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