Monday, March 30, 2026
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गुरुवार को मनाएं भैयादूज, दोपहर 12:14 बजे से 12:47 बजे तक शुभ मुहूर्त – पं0 हेमंत भट्ट

– पंडित भट्ट ने बताया कि भैया दूज 27 अक्टूबर को सूर्योदय से लेकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक मना सकते हैं

मुुरादाबाद (हि.स.)। शिव शक्ति मंदिर रामगंगा विहार मुरादाबाद के मुख्य पुरोहित पंडित हेमंत भट्ट ने बताया कि भैया दूज का त्यौहार 27 अक्टूबर यानी गुरुवार को मनाया जाएगा। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 26 अक्टूबर को दोपहर दो बजकर 42 मिनट से शुरू होकर 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। भाई दूज का शुभ मुहूर्त 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक का है, अर्थात शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 33 मिनट तक ही है। लेकिन भैया दूज का टीका बहनें 27 अक्टूबर को सूर्योदय से लेकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक कर सकी हैं।

पं0 हेमंत भट्ट ने आगे बताया कि भाई दूज 27 अक्टूबर गुरूवार को है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भाई दूज का पर्व रक्षाबंधन की तरह भाई-बहन के आपसी प्रेम और स्नेह का प्रतीक होता है। भाई दूज के मौके पर बहन भाई के माथे पर टीका करती हैं, कलावा बांधती हैं, आरती उतारती है और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। ये प्रथा सदियों पुरानी है। इस दिन बहन भाई को अपने घर बुलाती हैं और उन्हें अपने घर भोजन कराती हैं। इसके बाद उन्हें सूखा नारियल देकर उनकी सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना करती हैं। पौराणिक मान्यता है कि भाई दूज के दिन बहनों के घर भोजन करने से भाई की उम्र बढ़ती है।

रक्षाबंधन पर राखी न बांध पाएं हो तो भैया दूज पर बांध दें

शिव शक्ति मंदिर रामगंगा विहार के मुख्य पुरोहित पंडित हेमंत भट्ट ने बताया कि अगर किसी बहन ने किन्ही कारणवश बीते रक्षा बंधन पर अपने भाई को राखी नहीं बांधी थी, या दूर होने के कारण नहीं बांध पाई तो वह भैया दूज के दिन तिलक करके कलावा बांधने के बाद रक्षाबंधन वाली राखी भी बांध सकती हैं।

निमित जायसवाल

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