उप्र में 23 फरवरी तक बारिश के साथ ओलावृृष्टि की संभावना

ओलावृष्टि से फसलों का हो रहा नुकसान, चिंतित हुए किसान

कानपुर (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ के साथ सक्रिय चक्रवात से उत्तर प्रदेश के मौसम में बराबर बदलाव देखा जा रहा है। पूर्वानुमान के अनुसार बुन्देलखण्ड और उससे सटे जनपदों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो रही है। इससे किसानों में चिंता की लकीरे खिंच गई क्योंकि फसल का नुकसान हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी 23 फरवरी तक स्थानीय स्तर पर पूरे उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि के साथ बारिश की संभावना है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।

प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण अब पंजाब के ऊपर स्थित है और औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। जेट स्ट्रीम हवाएं 170 नॉट तक की अधिकतम गति के साथ समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर उत्तर भारत पर लगातार चल रही है। उत्तरी बांग्लादेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ 24 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के करीब पहुंचने की संभावना है।

मौसम की इन गतिविधियों को देखते हुए फिलहाल उत्तर प्रदेश में अभी दो दिन तक बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान किसानों को सलाह दी जा रही है कि फसलों पर सिंचाई न करें। वहीं ओलावृष्टि से फसलें खराब हो रही हैं खासकर बुन्देलखण्ड के जनपदों में भारी मात्रा में ओलावृष्टि हो रही है।

बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 26.8 और न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 96 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 63 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 5.1 किमी प्रति घंटा रही और बारिश 0.6 मिमी हुई। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कानपुर में अगले पांच दिनों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण 21 से 23 फरवरी के मध्य स्थानीय स्तर पर तेज हवाओं, गरज-चमक एवं ओलावृष्टि साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

अजय/बृजनंदन

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