Monday, March 30, 2026
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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने उच्च शिक्षा विभाग की डिजिटल लाइब्रेरी का किया लोकार्पण

-डिजिटल लाइब्रेरी में हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में 134 विषयों के 35,000 ई-कन्टेन्ट्स वर्तमान में उपलब्ध

लखनऊ (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को प्रदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को एक उत्कृष्ट श्रेणी की पाठ्य सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। 
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह डिजिटल लाइब्रेरी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल है। यह डिजिटल लाइब्रेरी उच्च शिक्षा की सीमाओं को व्यापक स्तर पर सवंर्धित करेगी। इस डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से छात्र प्रदेश के सर्वोत्तम शिक्षक द्वारा तैयार की गई ई-पाठ्य सामग्री को निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।
इस कार्य के लिए एनआईसी के अधिकारियों द्वारा बहुत कम अवधि में उप्र उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के लिए पोर्टल तैयार करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया गया। इनके द्वारा उच्च शिक्षा विभाग तथा विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के साथ गुणवत्तापूर्ण समन्वय एवं अनुश्रवण स्थापित किया गया। 
उत्तर प्रदेश के 23 विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों के सक्रिय योगदान तथा शिक्षा जगत के लगभग 1700 शिक्षाविदें  और तकनीकी विशेषज्ञों की सहभागिता और टीमवर्क के फलस्वरूप 35,000 से भी अधिक ई-कन्टेन्ट छात्रों के लिए निःशुल्क उपलब्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी में हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में 134 विषयों के 35,000 ई-कन्टेन्ट्स वर्तमान में उपलब्ध हैं और शिक्षकों द्वारा लगातार ई-कन्टेन्ट तैयार करके अपलोड किये जा रहे हैं। इनका अध्ययन कर छात्र अपने ज्ञान का सवंर्धन कर सकते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी के 61,500 से भी अधिक विजिटर्स हो चुके हैं जिससे पता चलता है कि निश्चित ही यह आने वाले समय में भारतीय उच्च शिक्षा की दशा एवं दिशा दोनों को ही परिवर्तित करेगी। 
उन्होंने यह भी बताया कि ई-कन्टेन्ट से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए जिनके माध्यम से छात्र किसी भी समय अपनी ई-कन्टेन्ट संबंधी समस्याओं का निदान कर सकते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग में प्रक्रिया को सरल एवं पूर्ण पारदर्शी रूप से लागू किए जाने के उद्देश्य से निजी महाविद्यालयों को शैक्षिक सत्र 2020-21 से एनओसी ऑनलाइन प्रदान की जा रही है तथा अगले सत्र से सम्बद्धता भी ऑनलाइन प्रदान की जायेगी। इस पोर्टल  को भी आज उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रारम्भ किया गया।
प्रदेश के क्षेत्रफल, विविधता, जटिलता एवं विशेष डिवाइस अर्थ बोझ को हल करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विकसित, सार्वजनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण किए जाने की आवष्यकता है। इससे छात्र एवं शिक्षण संस्थानों के हित में स्वच्छ, शुचितापूर्ण एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू किए जाने में सहायता मिलेगी। इसके अन्तर्गत प्रदेष में नए महाविद्यालयों को प्रारम्भ करने एवं पूर्व से संचालित महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने हेतु विश्वविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन एनओसी प्रदान किए जाने की सुविधा इस शैक्षिक सत्र से प्रारम्भ की गयी है, साथ ही नए महाविद्यालयों एवं पूर्व से संचालित महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने हेतु विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्रदान करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है।

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