हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुंदेलखंड की हाईटेक जेल चित्रकूट से रिहा हुए सपा विधायक नाहिद हसन

-गैंगस्टर एक्ट के मामले में चित्रकूट जिला कारागार में बंद थे कैराना विधायक

चित्रकूट (हि.स.)। गैंगस्टर एक्ट के मामले में बुंदेलखंड की सबसे हाईटेक जेल चित्रकूट में बंद रहे समाजवादी पार्टी के शामली जिले के कैराना विधायक नाहिद हसन शनिवार की सुबह रिहा कर दिए गए। इसके बाद पर्यटक आवास गृह में चित्रकूट जिले के सपाइयों के साथ मुलाकात करने के बाद वह अपनी मां और बहन के साथ कैराना रवाना हो गए।

गौरतलब है कि कैराना से समाजवादी पार्टी के विधायक नाहिद हसन व उनकी मां पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम सहित 40 लोगों पर पिछले वर्ष फरवरी में कैराना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। 15 जनवरी को पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर कैराना की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया था।जहां से उनको न्यायिक हिरासत में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया था। स्थानीय कोर्ट ने उनका जमानत प्रार्थनापत्र रद कर दिया था और सितंबर माह में विधायक को बुंदेलखंड की सुपर हाईटेक चित्रकूट जेल में स्थानांतरित किया गया था। तीन दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधायक के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी थी। शुक्रवार को उनके अधिवक्ताओं ने कैराना स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में दो जमानतदारों के एक-एक लाख रुपये के दो प्रपत्र जमा किए। इसके बाद शनिवार सुबह उनको रिहा कर दिया गया। शनिवार की सुबह उनकी रिहाई के वक्त उनकी मां तबस्सुम हसन और बहन इकरा हसन मौजूद थीं। सपा विधायक कुछ देर तक यूपीटी में रुके और फिर कैराना रवाना हो गए। सपा विधायक जेल से मुस्कुराते हुए तो निकले पर उन्होंने पत्रकारों से कोई बात करने से इनकार कर दिया। उनकी बहन और मां ने भी पत्रकारों से कोई बात नहीं की और उनको फोटो खींचने से भी मना किया। इतना ही नहीं, यूपीटी में पत्रकारों के कैमरे छीनने की भी कोशिश की गई।

इस मामले में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष अनुज यादव का कहना है कि योगी सरकार में सपाइयों का जमकर उत्पीड़न किया जा रहा है। भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने वालों को जेल में ठूंसा जा रहा है। वहीं कुछ दिनों पहले जेल में अपने बेटे से मिलने आईं पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम ने आरोप लगाया था कि उनको मिलने नहीं दिया गया। उधर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जेल में मिलने गए सदर विधायक अनिल प्रधान और अनुज यादव समेत पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने भी जेल में विधायक से मुलाकात करने के बाद आरोप लगाया था कि बीमार विधायक के साथ जेल में उत्पीड़न किया जा रहा है।

रतन

error: Content is protected !!