हल्की धाराओं में अपराध कुबूल कर ‘प्ली बारगेनिंग’ का लाभ उठाएं आरोपी

कारागार में जागरूकता शिविर लगाकर कैदियों को सिविल जज ने दी जानकारी

जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। सात साल से कम की सजा वाले मामलों में यदि आरोपी अपना अपराध स्वीकार करते हुए पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा देने के लिए तैयार हो जाता है, तो उसे कम से कम सजा दिया जाता है। इससे न्यायालय के समय की बचत होती है और पीड़ित व्यक्ति को भी त्वरित उपचार प्राप्त हो जाता है। इसलिए हल्की धाराओं के ऐसे आरोपियों को आगे आकर प्ली बारगेनिंग का लाभ उठाना चाहिए। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव/सिविल जज (सीडि) जयहिंद कुमार सिंह ने सोमवार को जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर के दौरान कैदियों को सम्बोधित करते हुए कही।
जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता के निर्देश पर का आयोजित शिविर को सम्बोधित करते हुए प्रभारी सचिव ने बताया कि भारतीय संसद द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता में एक नया अध्याय 21(ए), (धारा 265ए से 265एल) जोड़कर दाण्डिक प्रकरणों को शीघ्रता से निपटाने का प्रावधान किया गया है। इसे सौदा अभिवाक (प्ली बारगेनिंग) कहा जाता है। इसके अन्तर्गत अभियोजन व पीड़ित पक्ष आपस में सामंजस्य पूर्ण तरीके से मामले को निपटाने हेतु न्यायालय की अनुमति से सरल व सुगम रास्ता निकालते हैं, जिसमें अभियुक्त द्वारा अपराध स्वीकार कर लेने पर उसे कम दण्ड से दण्डित किया जाता है। किन्तु प्ली बारगेनिंग का लाभ गम्भीर अपराधों में नहीं मिलता है। यह केवल सात साल से कम सजा वाले अपराधों में ही लागू होता है।
प्रभारी सचिव ने निःशुल्क विधिक सहायता के सन्दर्भ में सांविधानिक उपबन्ध, दण्ड प्रक्रिया संहिता में वर्णित उपबन्ध व माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये अद्यतन निर्णयों पर भी विस्तृत रूप से जानकारी दिया। उन्होंने कारागार अस्पताल का निरीक्षण करते समय इलाज हेतु भर्ती बंदीगण के स्वास्थ्य आदि के बारे में पूछताछ किया। कुछ बंदियों द्वारा शरीर में दर्द व उच्च रक्त चाप की शिकायत की गई, जिस पर उनके समुचित इलाज हेतु जेल अधीक्षक व संबंधित डाक्टर को निर्देशित किया। भोजनालय का निरीक्षण कर साफ-सफाई हेतु आवश्यक निर्देश दिया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के प्रशिक्षणाधीन न्यायिक अधिकारीगण अपर सिविल जज (जूडि) सुश्री अंकिता बौद्ध, सुश्री वीनस कुमार, सुश्री अरोमा रमन पिसेस तथा जेल अधीक्षक शशिकान्त, पैनल अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक मुकेश वर्मा व प्रभूनाथ आदि उपस्थित रहे।

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