– योगी सरकार ने विधानसभा में साइबर क्राइम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर दी जानकारी
– 2022 से मार्च 2023 तक साइबर क्राइम के दर्ज किए गए 13155 केस, 4372 में दायर हुई चार्जशीट
– सपा के सदस्य अतुल प्रधान ने उठाया साइवर क्राइम का मुद्दा, खन्ना ने दिया जवाब
लखनऊ (हि.स.)। योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधान सभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को साइबर अपराधों के खिलाफ की गयी प्रभावी कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। समाजवादी पार्टी के सदस्य अतुल प्रधान के सवाल का जवाब देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि जब से योगी सरकार आई है, तबसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। एनसीआरबी के आंकड़ें तो इसकी गवाही दे ही रहे हैं, समाज में भी ऐसा परसेप्शन बना है।
सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी रही है, जिसका नतीजा ये हुआ है कि प्रदेश में अपराधों की संख्या में गुणात्मक सुधार आया है। इसी तर्ज पर योगी सरकार साइबर क्राइम को लेकर भी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत कार्य कर रही है। प्रदेश में साइबर क्राइम को लेकर जहां भी सूचना मिलती है, वहां पर न सिर्फ केस रजिस्टर किया जाता है बल्कि प्रभावी कार्रवाई को भी अंजाम दिया जाता है।
वित्त मंत्री खन्ना ने आंकड़ों के माध्यम से सदन को अवगत कराया कि 2022 से मार्च 2023 तक साइबर क्राइम के 13155 केस दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 4372 में चार्जशीट दायर हुई है। 4606 में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है, 45 खारिज हुए, जबकि 7570 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसमें 89 करोड़ 45 लाख 67 हजार 617 रुपये की रिकवरी भी की गई। ये उदाहरण है कि जहां कहीं भी साइबर क्राइम की सूचना मिलती है उसे रजिस्टर करके कार्रवाई की जा रही है।
पूरी तरह से चरितार्थ की गई है जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
सरकार का पक्ष रखते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जब से प्रदेश में योगी सरकार आई है तब से अपराधों में कमी हुई है। जहां अपराध हुए हैं, वहां सख्त से सख्त सजा दी गई है। कुछ मामलों में ऐसी सजा दी गई है जो उदाहरण प्रस्तुत करती है। एनसीआरबी का आंकड़ा हो या लोकल आंकड़ा, अपराधों के प्रति सरकार ने जो जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, वह पूरी तरीके से चरितार्थ किया गया है। आज उत्तर प्रदेश एक मॉडल बना है। समाज में भी परसेप्शन यही है कि कानून व्यवस्था की स्थिति पहले की सरकारों की तुलना में बहुत सुधार हुआ है।
इससे पहले अतुल प्रधान ने कहा कि साइबर क्राइम पिछले कुछ साल पहले से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें वीडियो कॉल के माध्यम से अपराधियों ने दबाव बनाकर एक आम आदमी से सात लाख रुपये ले लिए। सवाल यह है कि साइबर अपराध रोकने के लिए क्या जिले में कोई नोडल अधिकारी नियुक्त होगा।
दिलीप/राजेश
