मेक इन इंडिया : एआईटी छात्राओं की डिवाइस रोकेगी पानी की बर्बादी

– मिट्टी को कितने पानी की जरुरत है बताएगी डिवाइस, कृषि में आएगी काम

– अधिक पानी से सूखने वाले पौधों का होगा बचाव

कानपुर (हि.स.)। देश के भूगर्भ में लगातार पानी का स्तर गिर रहा है। कृषि के क्षेत्र में पानी की बर्बादी भी हो रही है, क्योंकि किसान को पता ही नहीं होता कि खेत में कितने पानी की जरुरत है। अधिक पानी से जहां फसलों या पेड़ों को नुकसान होता है तो वहीं पानी की बर्बादी भी होती है। इसको देखते हुए एआईटी की तीन छात्राओं ने एचओडी के दिशा निर्देश में ऐसी डिवाइस बनाई है जो किसानों को बताएगी कि फसल को पानी की कितनी जरुरत है।

देश के किसानों को कृषि कार्य के लिए पानी अहम है। पानी के बिना खेती कार्य संभव नहीं है। चाहे नहर से सिंचाई हो या बोरिंग से। इन सभी में देखा जा रहा है कि किसान को वैज्ञानिक तरीके से मालूम ही नहीं होता कि फसल को पानी की कितनी जरुरत है। अधिक पानी से जहां पानी की बर्बादी होती है तो वहीं फसल और पेड़ सूख जाते हैं जिससे किसानों को नुकसान हो जाता है। इसको देखते हुए कानपुर के अंबेडकर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी की तीन छात्राओं ने एक डिवाइस तैयार की है। यह डिवाइस छात्रा शिवानी, हिमांशी, निहारिका ने हेड आफ डिपार्टमेंट डॉ आशुतोष मिश्रा और प्रोफेसर रचना अस्थाना की दिशा निर्देश में तैयार की है।

सूखने से बचेंगे पेड़ और फसल

छात्रा हिमांशी ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर मेक इन इंडिया के तहत यह डिवाइस तैयार की गई है। यह डिवाइस न सिर्फ पानी की बर्बादी को रोकेगी बल्कि उपजाऊ फसल के लिए मिट्टी को कितने पानी की आवश्यकता है उसकी भी पूरी जानकारी देगी। छात्रा शिवानी ने बताया कि जल संरक्षण करना बेहद जरुरी है क्योंकि जल है तो कल है। जल संरक्षण के लिए शोध के जरिये डिवाइस को तैयार किया गया है। कहा कि अक्सर देखा जाता है कि पेड़ों में पानी देने के बावजूद वह सूख जाते हैं और पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। इसके पीछे के कारण को जानने के लिए शोध किया गया तो पता चला कि यदि पेड़ों में अधिक पानी डाला जाए तो वह भी नुकसानदायक होता है। यह डिवाइस बताएगी कि मिट्टी में कितने प्रतिशत नमी पेड़ पौधों के लिए फायदेमंद होगी। इसकी पूरी जानकारी देगी।

आसानी से खरीद सकेगा किसान

छात्रा निहारिका ने बताया कि इस डिवाइस को बनाने में दो हजार रुपये का खर्चा आया है। फिलहाल प्रयास किया जा रहा है कि कम से कम रुपयों में इस बेहतर डिवाइस को तैयार किया जाए। इससे पेड़ लगाने वाले और खेती करने वाले किसान आसानी से खरीद सके।

फसल के लिए वरदान साबित होगी डिवाइस

कॉलेज के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉक्टर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि जल संरक्षण के तहत लगातार केंद्र सरकार लोगों से पानी बचाने की अपील करती है। गिरते जल स्तर को लेकर जहां सभी चिंतित है तो ऐसे में पानी को कैसे बचाया जाए इसको लेकर केमिकल इंजीनियरिंग की छात्राओं ने शोध किया है।

प्रो. रचना अस्थाना ने बताया कि डिवाइस को स्टार्टअप में रजिस्ट्रेशन की तैयारी की जा रही है। एक साल के बाद यह डिवाइस किसानों को उपलब्ध होने लगेगी। मीडिया प्रभारी डॉ मनीष सिंह राजपूत ने बताया कि यह डिवाइस जल संरक्षण और उपजाऊ फसल को लेकर किसानों के लिए वरदान साबित होगी।

अजय/मोहित

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