महोबा प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित, सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट

लखनऊ। तत्कालीन महोबा पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर उगाही के लिए उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की इलाज के दौरान कानपुर में मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) टीम गठित कर दी गयी है।  

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हितेश चंद्र अवस्थी ने महोबा में व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड की जांच के करने वाली एसआईटी टीम की कमान वाराणसी के पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीना को सौंपी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर व पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी को इसका सदस्य बनाया गया है। एक सप्ताह के भीतर ही एसआईटी को इस प्रकरण में जांच कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। 

उल्लेखनीय है कि महोबा के क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने एक वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर वसूली का आरोप लगाते हुए जान का खतरा बताया था। वायरल वीडियो के दूसरे ही आठ सितम्बर को त्रिपाठी को गोली मार दी गई। कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में उनकी मौत हो गयी थी। इस मामले को शासन ने गंभीरता से लेकर एसपी पाटीदार को निलंबित कर दिया था। साथ ही अन्य तत्कालीन एसपी व कुछ अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। यह केस लखनऊ के नीतीश पांडेय की शिकायत पर दर्ज की गयी थी। तत्कालीन एसपी की संपत्ति की जांच  विजिलेंस टीम कर रही है। 

error: Content is protected !!