पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को सूचना आयुक्त पद के लिए आवेदन किया है

लखनऊ अमिताभ ठाकुर ने अपने आवेदन में लिखा है कि “मेरा अकादमिक प्रदर्शन शुरू से ही बहुत अच्छा रहा है और आईआईटी कानपुर से बीटेक के अलावा मैंने आईपीएस की सेवा में आने के बाद भी आईआईएम लखनऊ से मानव संसाधन प्रबंधन में फेलोशिप किया है, जो मैनेजमेंट में पीएचडी के समतुल्य है। मैंने लगभग 28 वर्षों तक आईपीएस अफसर के रूप में कार्य किया है, जिस दौरान मैंने फील्ड पोस्टिंग सहित विभिन्न ईकाइयों में कार्य किया तथा उनका अनुभव प्राप्त किया।इसके साथ ही मैंने व्यक्तिगत स्तर पर एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कई वर्षों तक समाज की सेवा की है, जिसमे विभिन्न संवेदनशील तथा महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनहित याचिकाएं दायर करने, समाज में हो रहे अनुचित एवं अवैधानिक कृत्यों के संबंध में एफआईआर दायर करने, स्वयं मौके पर जा कर भ्रष्टाचार एवं कदाचार के मामलों की जांच करने और इन तथ्यों से शासन-प्रशासन को अवगत कराने एवं कार्यवाही करवाने, विभिन्न प्रकरणों को सामने लाकर शोषित-पीड़ित-वंचित व्यक्तियों को न्याय दिलवाने आदि के कार्य सम्मिलित हैं।मुझे विधि का भी बहुत अच्छा ज्ञान एवं जानकारी है। मैंने न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से न्यायालयों में उपस्थित हो कर तमाम जनहित याचिकाओं एवं अन्य लोकहित में मामलों पर बहस की है, बल्कि मैंने अपने सेवा संबंधित विभिन्न प्रकरणों एवं मेरे साथ किए गए विभिन्न अनाचार एवं कदाचार के संबंध में भी अपने तमाम मुकदमों की खुद ही बहस की है और आज भी कर रहा हूं। मुझे आरटीआई का भी बहुत अच्छा अनुभव एवं जानकारी है। मैंने आरटीआई एक्ट पारित होने के बाद से लगातार इसका प्रयोग करने शुरू कर दिया था।”इतना ही नहीं, अमिताभ ने यह भी लिखा है कि वो सबसे बेहतर हैं और नियुक्ति में किसी राजनैतिक और जोड़तोड़ के आधार पर सामाजिक कार्यों के प्रति शून्य समर्पण वाले किसी अन्य रिटायर्ड सरकारी सेवक या किसी अर्ध-राजनैतिक व्यक्ति को नियुक्त करने के जगह पर इस पद के वास्तविक उपयोग के लिए उन्हे इस पद पर नियुक्त किया जाय।

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