पूर्वोत्तर रेलवे कई रूटों पर लगाएगा ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम, नहीं लेट होंगी ट्रेनें

लखनऊ (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) प्रशासन ने संरक्षा की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। लखनऊ से छपरा सहित कई रूटों पर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिस्टम के लगने से ट्रेनें बेवजह लेट नहीं होंगी।

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर से छपरा और सीतापुर से बुढ़वल रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने की मंजूरी दी है। इसके पहले बोर्ड ने गोरखपुर-लखनऊ रूट पर सिस्टम को बदलने की मंजूरी दी थी। ऑटोमेटिक सिस्टम के लगने से ट्रेनें एक के पीछे एक चलती रहेंगी। बेवजह यार्ड में खड़ी नहीं होंगी। गोरखपुर से छपरा और सीतापुर से बुढ़वल रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगने ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। नये सिस्टम से खड़ी ट्रेनों को आगे वाली ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्टेशन यार्ड से ट्रेन के आगे बढ़ते ही पीछे वाली ट्रेन को भी ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। एक ब्लॉक सेक्शन में एक के पीछे दूसरी ट्रेनें चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर से छपरा और सीतापुर से बुढवल रूट पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगाने की मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने इन तीनों रूटों के लिए करीब 6,98 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने अब लखनऊ से छपरा तक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में स्टेशन यार्ड के डबल डिस्टेंस सिग्नल से आगे प्रत्येक एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाया जाएगा। उसके सहारे ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चलती रहेंगी। यदि आगे वाले सिग्नल में तकनीकी खामी आती है तो पीछे चल रही ट्रेनों को भी सूचना मिल जाएगी। इससे जो ट्रेन जहां पर हैं, वहीं पर रुक जाएंगी। इस सिस्टम के लागू होने से ट्रेनें सिग्नल की वजह से अनावश्यक लेट नहीं होंगी। दरअसल, अभी जो सिस्टम है, उसमें एक स्टेशन से ट्रेन छूटने और इसके दूसरे स्टेशन पहुंचने के बाद खड़ी ट्रेन को छोड़ा जाता है। नई व्यवस्था में ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही छोड़ दिया जाएगा।

दीपक

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