दिल्ली हिंसा : जामिया भाषण मामले में शरजील इमाम को जमानत मिली

जेल से बाहर नहीं निकल सकेंगे क्योंकि दूसरे मामलों में नहीं मिली है जमानत

नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने दिल्ली हिंसा के आरोपित शरजील इमाम को जामिया इलाके में 2019 में दिए गए भाषण के मामले में जमानत दे दी है। हालांकि शरजील इमाम जेल से बाहर नहीं निकल सकेंगे, क्योंकि दूसरे मामले में जेल में बंद हैं। एडिशनल सेशंस जज अनुज अग्रवाल ने जमानत देने का आदेश दिया।

27 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने शरजील इमाम को जमानत याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वो शरजील इमाम की याचिका पर सुनवाई करें। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा था कि वो अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 436ए के तहत मांगी गई राहत पर विचार करें कि वो 31 महीने से जेल में बंद है। धारा 436ए के तहत ये प्रावधान है कि आरोपित के खिलाफ जिस धारा के तहत आरोप है अगर वो उसकी अधिकतम सजा का आधा समय कैद में रहता है तो उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है।

शरजील इमाम को 25 अगस्त, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दाखिल चार्जशीट में कहा है कि शरजील इमाम ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने के लिए बेताब था और ऐसा करने की जी तोड़ कोशिश कर रहा था। शरजील इमाम के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि शरजील इमाम ने केंद्र सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने और हिंसा भड़काने के लिए भाषण दिया, जिसकी वजह से दिसंबर 2019 में हिंसा हुई।

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में गहरी साजिश रची गई थी। इस कानून के खिलाफ मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रचार किया गया। यह प्रचार किया गया कि मुस्लिमों की नागरिकता चली जाएगी और उन्हें डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा। शरजील को बिहार से गिरफ्तार किया गया था।

संजय/सुनीत/दधिबल

error: Content is protected !!