डीएम, सीडीओ ने पोलियो ड्राप पिलाकर किया अभियान का शुभारम्भ

गोण्डा में पांच लाख 69 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो ड्राप

जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने रविवार को जिला महिला चिकित्सालय तथा मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सीएचसी हलधरमऊ के प्राइमरी स्कूल गुरु पुरवा में नवजात शिशुओं को अपने हाथों से पोलियो ड्राप पिलाकर अभियान का शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के अवसर पर जिला अस्पताल में 51 नवजात शिशुओं को पोलियो ड्राप पिलाई गई। इससे पूर्व डीएम ने फीता काटकर बूथ का उद्घाटन किया।


इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी नवजात शिशुओं के साथ-साथ शून्य से 05 वर्ष तक के शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जाय, ताकि किसी भी बच्चे को खतरनाक पोलियो बीमारी अपना शिकार न बना पाये और देश से हमेशा-हमेशा के लिए पोलियो का उन्मूलन हो जाये। उन्होंने कहा कि बूथों पर टीमें अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों के टीकाकरण को लेकर सतर्क रहें, जिससे कोई बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाएं। सीडीओ ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिये अपने-अपने क्षेत्रों में 05 वर्ष तक के शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक व्यक्तिगत रुचि लेकर पिलायें।


इसी क्रम में मनकापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ मनोज कुमार ने नौनिहालों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि मनकापुर ब्लॉक में शून्य से 5 वर्ष तक के 36,357 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 133 बूथ, 4 ट्रांजिट टीम, 2 मोबाइल टीम तथा 78 हाउस टू हाउस टीमें बनाई गई हैं। वहीं बभनजोत सीएचसी अधीक्षक डॉ तरुण मौर्य ने बताया कि इस अभियान में ब्लॉक के 36,712 बच्चे लक्षित किये गये हैं। शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए सभी गठित टीमों व अन्य कर्मियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने आम जनमानस से अभियान में सहयोग के लिये अपील किया है। पोलियो अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एपी मिश्र, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ देवराज चैधरी, डीएमसी यूनीसेफ शेषनाथ सिंह, डीटीओ डॉ मलिक आलमगीर, जिला वैक्सीन स्टोर इंचार्ज पंकज तिवारी व डब्लूएचओ के प्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. देवराज ने बताया कि जिले भर में 1977 बूथ निर्धारित किये गये हैं, जहां स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी व अन्य कर्मचारियों की 588 टीमें बनायीं गयी हैं। 20 व 21 जनवरी को पोलियो की खुराक लेने से वंचित बच्चों को टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चैराहों पर पोलियो की दवा पिलाने के लिए ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं। ईंट-भट्ठों आदि पर बच्चों को तलाश कर पोलियो की दवा पिलाने के लिए 243 मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है। डा. देवराज के अनुसार, यह दवा पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों के लिए आवश्यक है। यह दवा जन्म पर, छठे, दसवें व चैदहवें सप्ताह में फिर 16 से 24 माह की आयु में बूस्टर की खुराक दी जानी चाहिए। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को बार-बार खुराक पिलाने से पूरे क्षेत्र में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है, जो कि पोलियो के विषाणु को पनपने से रोकती है। उन्होंने बताया कि विभाग की पूरी कोशिश है कि पांच साल तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे। इसके लिए सभी टीमों को निर्देशित किया गया है। बूथ दिवस से अगले दिन 20 जनवरी से 25 जनवरी तक डोर डू डोर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद भी जो बच्चे रह जाएंगे, उन्हें 25 जनवरी के बाद बी टीम द्वारा दवा पिलाई जाएगी।



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