ज्ञानवापीः अखिलेश, ओवैसी के विवादित बयान को लेकर दाखिल वाद में सुनवाई अब 06 दिसंबर को

वाराणसी (हि.स.)। ज्ञानवापी के वजूखाने में गंदगी करने और अखिलेश यादव एवं असदुद्दीन ओवैसी की विवादित बयानबाजी को लेकर दाखिल वाद में मंगलवार को एसीजेएम पंचम (एमपी-एमएलए कोर्ट) उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत के समक्ष सुनवाई हुई। अदालत ने चौक थाने से आख्या तलब की है और सुनवाई की अगली तारीख 6 दिसंबर तय की है।

वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में अपने अधिवक्ता आरपी शुक्ल, अजय प्रताप सिंह, घनश्याम मिश्र के जरिये याचिका दाखिल की है। याचिका के जरिये आरोप लगाया गया है कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में हाथ-पैर धोए जाते हैं और गंदगी फैलाई जाती है। वह स्थान हमारे आराध्य भगवान शिव का स्थान है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है। पिछले दिनों कोर्ट कमिश्नर की कार्यवाही में मिली शिवलिंगनुमा आकृति को लेकर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि के बयान को लेकर प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता ने हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया है।

अधिवक्ता ने इस मामले में ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले दोनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराए जाने की मांग की है। एसीजेएम पंचम (एमपी-एमएलए कोर्ट) उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने पिछली सुनवाई में इस वाद को सुनवाई योग्य पाया था और मुकदमा दर्ज करने के मुद्दे पर सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय की थी। प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष ने अर्जी के खिलाफ पोषणीयता की अर्जी दी थी। इसे अदालत पहले ही खारिज कर चुकी थी। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्ष को सुनने के बाद अपना आदेश पहले ही सुरक्षित रख लिया था, जिस पर पिछली सुनवाई में आदेश देते हुए अदालत ने इस मामले को सुनवाई योग्य माना था।

श्रीधर

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