जिला अस्पताल में दुष्कर्म का शिकार होने से बची पीड़िता से मिले नसीमुद्दीन

बांदा(हि.स.)। जिला अस्पताल के शौचालय में अर्धनग्न अवस्था में मिली विक्षिप्त किशोरी, जिसे अस्पताल का सरकारी कर्मचारी हवस का शिकार बनाने के लिए शौचालय ले गया था और बाद में पकड़ा गया। मामले में पीड़िता से मिलने के लिए कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़िता का हाल-चाल लिया और घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने बताया कि पीड़िता इस समय बात करने की स्थिति में नहीं है। यह स्पष्ट हो चुका है कि मेडिकल स्टाफ ने ही इस मंदबुद्धि किशोरी को हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। इसे बीमार हालत में जीआरपी ने अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी अस्पताल के कर्मचारियों की थी, लेकिन रक्षक ही भक्षक बन गए।

उन्होंने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि अभी तक इस किशोरी की मेडिकल जांच पूरी नहीं हुई है। अभी एमआरआई जांच भी होनी है। सिद्दीकी ने कहा कि राजनीति से परे हटकर मानवता के नाते कांग्रेसी इस घटना की निंदा करती है। सरकार को चाहिए कि इस मामले में ठोस कदम उठाए ताकि महिलाओं और बेटियों की इज्जत सुरक्षित रहे। इस घटना के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है क्योंकि सरकार के अधीन अस्पताल होते हैं इसलिए सरकार ही इसके लिए जिम्मेदार है।

कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की घटना उत्तर प्रदेश में निरंतर हो रही हैं। हाथरस में हुई घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां एक नाबालिग दलित बेटी की इज्जत लूटी जाती है। इसके बाद उसकी हत्या कर दी जाती है। प्रशासन ने बिना परिजनों को जानकारी दिए रात को दो बजे डीजल पेट्रोल डालकर हवस का शिकार हुई लड़की के शव को जलवा दिया। आखिर क्या मजबूरी थी जिसके कारण प्रशासन ने आधी रात को किशोरी की लाश जलवा दी। उन्होंने कहा कि यह सब केवल इसलिए किया गया ताकि सरकार अपनी कमियों को छुपा सके। इसी तरह की प्रदेश में अन्य कई घटनाएं हैं, जिन पर सरकार पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

अनिल

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