जियो ने ग्राहकों को दिया झटका, फ्री कालिंग खत्म

अब दूसरे नेटवर्क पर बात करने के लिए देने होंगे पैसे

बिजनेस डेस्क
मुम्बई। रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए कॉलिंग के लिए पैसे लेने का एलान किया है। जियो के ग्राहकों को अब फोन पर बात करने के लिए पैसे देने होंगे। कम्पनी के एक बयान के मुताबिक, जियो के ग्राहकों को किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे, हालांकि जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी। वहीं जियो ने कहा है कि वह अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक ट्राइ अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप् आइयूसी को समाप्त नहीं कर देता। हम ट्राइ के साथ सभी डाटा को साझा करेंगे ताकि वह समझ सके कि शून्य आइयूसी यूजर्स के हित में है।
बता दें कि यह पूरा मामला इंटरकनेक्ट यूजेज चार्ज से जुड़ा है। आइयूसी एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब आइयूसी का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) द्वारा आइयूसी शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं। जियो नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग और 2जी नेटवर्क पर अत्यधिक टैरिफ होने की वजह से एअरटेल और वोडाफोन व आइडिया के 35-40 करोड़ 2जी ग्राहक जियो ग्राहकों को मिस्ड कॉल देते हैं। जियो नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल प्राप्त होते हैं। अन्य नेटवर्क से जियो पर रोजाना होने वाले 25 से 30 करोड़ कॉलिंग (मिस्ड कॉल) से जियो को 65 से 75 करोड़ मिनट इनकमिंग ट्रैफिक मिलना चाहिए था।

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