छह वर्ष पहले नोएडा में फ्रॉड किया, फिर लखनऊ में आजमाया हाथ

लखनऊ(हि.स.)। इनकम टैक्स विभाग में बेरोजगारों को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने वाली प्रियंका मिश्रा के नाम छह वर्ष पहले भी एक बार सुर्खियों में आया था। छह वर्ष पहले नोएडा में प्रियंका मिश्रा ने फ्रॉड किया था और फिर लखनऊ में हाथ आजमाते हुए प्रियंका की गिरफ्तारी हुई।

हजरतगंज थाने में इनकम टैक्स विभाग के जनसम्पर्क अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा लिखे जाने के बाद पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रियंका मिश्रा से लगातार प्रश्न किये जा रहे हैं। पुलिस की जांच में एक के बाद एक खुलासे भी हो रहे हैं। नोएडा में वर्ष 2016-17 में संविदा पर कार्यरत रहते हुए प्रियंका मिश्रा ने आईएएस की परीक्षा पास होने की घोषणा की थी और उस वक्त प्रियंका ने इनकम टैक्स विभाग के कर्मचारियों में मिठाई भी बांटी थी।

उसी वर्ष प्रियंका ने मौका देखकर कुछ बेरोजगार युवकों को नोएडा में नौकरी दी और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिये थे। डीसीपी मध्य अपर्णा कौशिक और उनकी टीम के कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वह बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाने के लिए मित्रों, रिश्तेदारों को माध्यम बनाती रही है। बेरोजगार युवकों से रुपये ऐंठने के बाद उसे विभिन्न खातों में रखा करती थी और इसकी जानकारी सिर्फ प्रियंका मिश्रा को ही होती थी।

प्रियंका मिश्रा से रुपये वापस लेने के लिए बेरोजगार लोगों ने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगायी है। जिससे उनसे झांसा देकर लिये गये रुपये उन्हें वापस मिल सके। बेरोजगार लोगों ने नौकरी के लालच में लाखों रुपये प्रियंका को दिये हैं।

शरद

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